बाजार के मिलावटी केक की छुट्टी! घर में कान्हा के लिए बनाएं खास पंचामृत केक

कल श्री कृष्ण जन्माष्टमी है और बाल गोपाल के जन्मोत्सव पूरे देश में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. पिछले कुछ समय से पारंपरिक पंजीरी, चरणामृत, फल, मिठाई और माखन-मिश्री के भोग के साथ कई लोग कान्हा जी के जन्मदिन पर केक भी लाने लगे हैं और कृष्ण के जन्म के साथ ही लोग केक को काटकर उत्सव मनाते हैं. लेकिन बाजार में मिलने वाले केक मैदा और केमिकल से भरपूर होते हैं. साथ ही उसमें मिलावट और अशुद्धता का डर भी रहता है. यही वजह है कि इस साल इंस्टाग्राम पर पंचामृत केक खूब जोर-शोर से ट्रेंड कर रहा है.

पंचामृत पांच पवित्र चीजों दूध, दही, घी, शहद और मिश्री से बनकर तैयार होता है तो क्यों न इस बार आप भी पंचामृत के साथ ही उससे बना केक भी घर पर तैयार कर लें. ये खास स्पंजी केक न केवल खाने में बेहद स्वादिष्ट होता है, बल्कि कान्हा जी के पावन भोग के लिए 100% शुद्ध भी है. आइए जानते हैं कि इसकी आसान रेसिपी.

गेहूं का आटा या सूजी: 1.5 कप (छानी हुई)

ताजा दही (पंचामृत का आधार): 1/2 कप

दूध (कच्चा या ठंडा): 3/4 कप

देसी घी: 1/4 कप

शहद: 2 बड़े चम्मच

पिसी मिश्री या चीनी: 3/4 कप

इलायची पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच

बेकिंग पाउडर: 1 छोटा चम्मच

बेकिंग सोडा: 1/2 छोटा चम्मच

सजावट के लिए: तुलसी के पत्ते, भुने मखाने, चिरौंजी और कटे हुए बादाम-पिस्ता

पंचामृत का घोल तैयार करें: एक बड़े बर्तन में 1/2 कप दही, 1/4 कप देसी घी, 2 बड़े चम्मच शहद और 3/4 कप पिसी मिश्री या चीनी और सूजी डालें. इसमें केसर और इलायची पाउडर भी मिलाएं. इसे व्हिस्कर या चम्मच की मदद से 2-3 मिनट तक अच्छी तरह फेंटें जब तक कि चीनी पूरी तरह घुल न जाए और मिश्रण चिकना न हो जाए.

10 से 15 मिनट के लिए इसे ऐसे ही छोड़ दें. बाद में इसमें थोड़ा सा बेकिंग पाउडर और बेकिंग सोडा डालें.

टिन तैयार करें: अब इस मिश्रण को एक टिन या किसी स्टील के गहरे बर्तन को थोड़े से घी से ग्रीस करके डाल दें और ऊपर से कटे हुए बादाम डालकर 40 से 45 मिनट तक बेक करें.

टूथपिक डालकर चेक करें. अगर टूथपिक साफ बाहर आए तो केक पक चुका है. केक को पूरी तरह ठंडा होने दें, फिर प्लेट में निकालें. ऊपर से ताजी गुलाब की पंखुड़ियां, तुलसी के पत्ता और मेवा डालकर रखकर कान्हा जी को भोग लगाएं.