‘चौकीदार चोर है’, टिप्पणी केस में राहुल गांधी को बॉम्बे HC से झटका, याचिका खारिज
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मानहानि मामले में झटका दिया है. कोर्ट ने उनकी वह याचिका खारिज कर दी जिसमें उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ता महेश श्रीश्रीमाल की तरफ से दाखिल मानहानि केस की कार्यवाही रद्द करने की मांग की थी. मुंबई के गिरगांव कोर्ट में चल रहे इस केस में जस्टिस एनआर बोरकर की बेंच ने सोमवार को यह फैसला सुनाया.
यह पूरा मामला 2018 का है, जब राहुल गांधी ने राजस्थान में एक रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कुछ बयान दिए थे. शिकायतकर्ता महेश श्रीश्रीमाल का कहना है कि इन बयानों की वजह से प्रधानमंत्री मोदी को न्यूज चैनलों और सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया. उन्होंने 2019 में मुंबई के मजिस्ट्रेट कोर्ट में मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी. मजिस्ट्रेट ने अगस्त 2019 में राहुल गांधी को समन जारी किया था. यह समन गांधी को जुलाई 2021 में मिला, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया.
राहुल गांधी की तरफ से दलील दी गई कि यह शिकायत झूठी और राजनीति से प्रेरित है. उनके वकीलों ने सीआरपीसी की धारा 199(2) और आईपीसी की धारा 499 का हवाला देकर कहा कि कोई राजनीतिक पार्टी मानहानि की शिकायत करने वाला समूह नहीं मानी जा सकती, इसलिए श्रीश्रीमाल को यह शिकायत करने का अधिकार नहीं था. वहीं महाराष्ट्र के एडवोकेट जनरल मिलिंद साठे ने दलील दी कि हाईकोर्ट के पास मानहानि केस रद्द करने की शक्ति सीमित है और यह मामला ट्रायल के जरिए ही तय हो सकता है. श्रीश्रीमाल के वकील रोहन महाडिक ने कहा कि उनके मुवक्किल ने सबूतों के साथ शुरुआती तौर पर मजबूत केस बनाया है.
कोर्ट ने शशि थरूर के एक पुराने मामले का हवाला देते हुए कहा कि बीजेपी एक रजिस्टर्ड राष्ट्रीय पार्टी होने के कारण एक पहचानी जा सकने वाली संस्था है, इसलिए याचिका खारिज की जाती है. हालांकि कोर्ट ने गांधी को सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए छह हफ्ते की राहत भी दी है.
