रायपुर में मेडिकल छात्र की मौत : नशीली दवा का ओवरडोज लिया, जांच में जुटी पुलिस

रायपुर। पंडरी थाना क्षेत्र के बालाजी मेडिकल कॉलेज में नशीली दवा के ओवरडोज लेने से एक छात्र की शुक्रवार रात मौत हो गई। छात्र नशीली दवा लेने का आदी था या अचानक लिया, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस मामले की जांच के बाद कुछ बता पाने की बात कह रही है। छात्र के कमरे से एनेस्थीसिया में इस्तेमाल फेंटानिल नामक दवा मिली है। कमरे से नशीली दवा और इंजेक्शन मिलने की पुलिस ने पुष्टि की है। मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र का नाम विनायक सैनी है। वह राजस्थान, अजमेर का रहने वाला था। विनायक वह एमबीबीएस थर्ड ईयर का छात्र था। मृतक हॉस्टल के फोर्थ फ्लोर पर रहता था। विनायक की लाश थर्ड फ्लोर में उसके दोस्त के कमरे में मिली है।

मृतक छात्र के दोस्त ने पुलिस को बताया है कि, वह रात नौ बजे के करीब खाना खाने के लिए गया था। रूम वापस लौटने पर उसने देखा की विनायक बेड में औंधे मुंह लेटा है। इसके बाद वह अपने साथियों की मदद से छात्र को उपचार कराने बालाजी अस्पताल लेकर गया। अस्पताल ले जाए जाने पर डॉक्टरों ने ब्राड डेड घोषित कर दिया।

घटना दिनांक को ही छात्र अपने गांव से लौटा था। वह जिस दोस्त के रूम में मिलने के लिए गया था, वो दो दिन पूर्व घर से लौटा था। पुलिस प्रारंभिक तौर पर इसे खुदकुशी मान रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस मौत का सही कारण बता पाने की बात कह रही है।

फेंटानिल एक अत्यधिक शक्तिशाली सिंथेटिक ओपिओइड दर्द निवारक दवा है, जो मॉर्फिन से लगभग 100 गुना और हेरोइन से 50 गुना अधिक असरदार होती है। इसका उपयोग सर्जरी, गंभीर चोट या कैंसर से जुड़े असहनीय दर्द को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। इसे बेहोशी या सर्जरी से पहले और सर्जरी के दौरान डॉक्टर की देखरेख में एनेस्थीसिया के सहायक के रूप में दिया जाता है। इस दवा की 2-3 मिलीग्राम भी सांस को पूरी तरह रोक सकती है, जिससे व्यक्ति की मौत हो सकती है। यह दवा बहुत जल्दी लत का कारण बनता है और अवैध रूप से भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।