साहित्य एक साधना है – प्रभात मिश्रा
भिंभौरी मे सम्पन्न सुग्घर साहित्य महोत्सव, जगदीश सोनी एवं सुरेश सरल की किताब का हुआ विमोचन
बेरला :- नगर पंचायत भिंभौरी मे रविवार क़ो सुग्घर साहित्य महोत्सव वर्ष 2026 का आयोजन सुग्घर साहित्य समिति के संयोजन मे बदना महादेव मंदिर भिंभौरी मे रखा गया था। कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि के रूप मे छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा छंद के छ संस्थापक अरुण कुमार निगम, वरिष्ठ साहित्यकारl सुरेंद्र शर्मा सुमन, वीरेंद्र शर्मा बेशर्म, वंदना सोनी विनम्र भगवताचार्य सालिक राम वर्मा छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग जिला समन्वयक रामानंद त्रिपाठी मौजूद रहे। जहां जगदीश सोनी की प्रथम हिंदी काव्य संग्रह घना आकाश तथा सुरेश सरल की हिंदी काव्य संग्रह सरल सुमन और छत्तीसगढ़ी काव्य संग्रह सरल के गोठ का विमोचन किया गया। जिसका वाचन दीपक निषाद, लीलेश्वर देवांगन, ताकेश्वर साहू के द्वारा किया गया। अतिथि उद्बोधन के दौरान छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा ने सारगर्भित उद्बोधन देते हुए कहा कि साहित्य एक साधना है जिसमे काफ़ी समय लगता है। आज हमारी संस्कृति साहित्य की वजह से जीवित है। मंच से विभिन्न मांगों क़ो लेकर भी चर्चा हुई जिस हेतु मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ी और छत्तीसगढ़ीयों के विकास हेतु प्रतिबद्ध है। जिसके बाद सुरेंद्र शर्मा सुमन ने मैंने सारा हिंदुस्तान देखा है नामक प्रतिनिधि रचना की प्रस्तुति के साथ उद्बोधन देते हुए स्थानीय साहित्यकारों के आयोजन हेतु हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की। वीरेंद्र शर्मा ने कहा कि आज के दौर मे पाठक होना आवश्यक है लोगों की सुनने की क्षमता कम हो चुकी है। हम सबको किताब खरीदकर पढ़ने की जरूरत है। छंद के छ के संस्थापक अरुण कुमार निगम ने कहा कि आप कितना किताब लिखते हैं यह महत्वपूर्ण नहीं हैं आप जो लिख रहे हैं उसमें से यदि किसी क़ो दो पंक्ति भी याद हैं तो वह बहुत बड़ी बात है। कार्यक्रम का सम्पूर्ण संचालन ओज कवि कमलेश वर्मा के द्वारा किया गया। उक्त आयोजन मे प्रदेश के कई साहित्य समितियों क़ो उत्कृष्ट आयोजन हेतु सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र मे उपस्थित कवियों के द्वार काव्य पाठ किया गया। जिसमे ईश्वर साहू बंधी, जलेश्वर दास मानिकपुरी, जितेंद्र वर्मा, ने काव्य पाठ किया। सुग्घर महोत्सव मे सुग्घर साहित्य समिति के अध्यक्ष नारायण प्रसाद वर्मा चंदन, गोकुल बंजारे चंदन, मनोज पाटिल, दिलीप टिकरिहा छत्तीसगढ़िया, राम हृदय, हृदय लाल विश्वकर्मा, जगदीश सोनी, सुरेश सरल,खींवराज धीवर, सरस्वती साहू सरस, मानसी मानस, विकास कश्यप, काजल कश्यप, ताकेश्वर साहू, नरेन्द्र साहू, मूलचंद साहू, दीपक निषाद, मनिदास मानिकपुरी, ईश्वर साहू आरुग, रामकुमार साहू, गायत्री श्रीवास, धर्मेंद्र डहरवाल हरहा, राजेंद्र वर्मा, मानस व्याख्याता हरिश्चन्द्र वर्मा, दिगम्बर परगनिहा,दुर्गा प्रसाद टिकरिहा, सत्यभामा परगनिहा, चंद्रहास वर्मा,बीरेंद्र वर्मा, गगन परगनिहा आदि मौजूद रहे।
