हैदराबाद के मंदिर में मूर्ति तोड़ने की कोशिश, आरोपी ने लकड़ी से हमला किया

हैदराबाद के दिलसुखनगर बस डिपो के पास शुक्रवार को एक व्यक्ति ने मंदिर में पुजारी पर हमला किया। उसने देवी की मूर्ति पर भी डंडे मारे। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें यह व्यक्ति संतोषी माता मंदिर के गर्भगृह में घुसकर मूर्ति पर डंडे फेंकता हुआ दिखाई दे रहा है। उस समय मंदिर के पुजारी और कुछ भक्त पूजा-अर्चना कर रहे थे। मंदिर में मौजूद लोगों ने तुरंत आरोपी को पकड़ लिया। लोगों ने आरोपी की पिटाई की, फिर उसे पुलिस को सौंप दिया। पुलिस आरोपी की मानसिक स्थिति की जांच भी करा रही है। आरोपी ने हमला क्यों किया, इसकी वजह अभी साफ नहीं हुई है।

भारत में भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) लागू है, इसके अध्याय XVI में धर्म से जुड़े अपराधों के लिए सजा का प्रावधान है। धारा 298 के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति किसी भी धार्मिक पूजा स्थल (जैसे मंदिर) को नष्ट, क्षतिग्रस्त या अपवित्र करता है। किसी धार्मिक पवित्र वस्तु (जैसे मूर्ति/प्रतिमा) को नुकसान पहुंचाता है। ऐसा करने के पीछे उसका उद्देश्य किसी धर्म का अपमान करना है, तो उसे दो साल की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।

इस घटना पर तेलंगाना के भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मंदिरों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए।

तेलंगाना BJP अध्यक्ष एन रामचंदर राव ने भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक मुद्दों पर सरकार के रवैये से ऐसा माहौल बना, जिसमें इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं।

रामचंदर राव ने धार्मिक संस्थानों की सुरक्षा तय करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की बताई। उन्होंने जवाबदेही तय करने की मांग की।

गोशामहल विधायक टी राजा सिंह ने निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि आरोपी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से राज्य में हिंदू मंदिरों और श्रद्धालुओं को दी जा रही सुरक्षा पर भी सवाल किया।