बीवी के गुजारा भत्ता मामले में पेश नहीं हुए पवन सिंह तो कोर्ट ने ठोका जुर्माना, पत्नी को भी भरना पड़ा हर्जाना
भोजपुरी सिंगर और एक्टर पवन सिंह अपनी मां की तबीयत अचानक खराब होने के कारण सोमवार को बलिया स्थित फैमिली कोर्ट में गुजारा भत्ता से संबंधित मामले की निर्धारित सुनवाई में उपस्थित नहीं हो सके। पवन सिंह के वकील हरिवंश सिंह ने बताया कि अपर प्रधान न्यायाधीश कमला पति प्रजापति की अदालत में ज्योति सिंह द्वारा अंतरिम गुजारा भत्ता के लिए दाखिल वाद पर सुनवाई सोमवार को निर्धारित थी। उन्होंने बताया कि पवन सिंह की मां प्रतिमा देवी की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें हार्ट अटैक हुआ है। उन्हें गत 2 अक्टूबर को लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था और सोमवार को उनका ऑपरेशन होना है। ऐसे में पवन सिंह का अदालत में उपस्थित होना संभव नहीं था।
वकील ने बताया कि पवन सिंह की ओर से सोमवार को सुनवाई टालने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। वहीं, ज्योति सिंह के वकील की ओर से भी अदालत के समक्ष एक प्रार्थना पत्र दिया गया। उन्होंने बताया कि अदालत ने दोनों पक्षों पर जुर्माना लगाया है। पवन सिंह पर एक हजार रुपये और ज्योति सिंह पर साक्ष्य के मामले में 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है। बताया गया है कि ज्योति सिंह ने कहा कि पवन सिंह को बार-बार कोर्ट बुलाया जाता है, लेकिन वह पेश नहीं होते। उन्होंने कहा कि वह हर तारीख पर बाहर से बलिया आती हैं, जबकि पवन सिंह लंबे समय से किसी तारीख पर उपस्थित नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि अब उन्हें न्याय की उम्मीद अदालत से ही है।
बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब पवन सिंह कोर्ट में नहीं पहुंचे हों और उन्हें जुर्माना भरना पड़ा हो। इससे पहले 9 सितंबर की सुनवाई में भी कोर्ट में हाजिरी नहीं लगाने की वजह से उन्हे 1000 का जुर्माना देना पड़ा था। इससे भी पिछली सुनवाई में एक्टर की कोर्ट में गैर मौजूदगी रही थी। पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच चल रहे पारिवारिक विवाद के मामले में सोमवार को सुनवाई के दौरान ज्योति सिंह अपने वकील के साथ अदालत में उपस्थित रहीं।
भोजपुरी एक्टर पवन सिंह ने बलिया शहर के मिड्ढी निवासी रामबाबू सिंह की बेटी ज्योति सिंह से छह मार्च 2018 को विवाह किया था। ज्योति सिंह ने 22 अप्रैल 2022 को फैमिली कोर्ट में भरण-पोषण के लिए अर्जी दाखिल की थी। अदालत द्वारा जारी नोटिस पर पवन सिंह पांच नवंबर 2022 को न्यायालय में उपस्थित हुए थे।
लोकल फैमिली कोर्ट ने पिछली सुनवाई की तारीख 9 सितंबर को अदालत में उपस्थित नहीं होने पर पवन सिंह पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।
हालांकि, पहले 11 फरवरी को हुई सुनवाई में ज्योति सिंह ने कोर्ट के सामने कहा था कि वह अपने पति के साथ ही रहना चाहती हैं। वह कोर्ट में अपनी बात रखते-रखते भावुक भी हो गई थीं और अपना हाल सुनाते हुए कहा था कि 7 साल की शादी में उन्हें सिर्फ मानसिक पीड़ा मिली है। उन्होंने कहा था- पति का साथ नहीं मिला और न ही उनका सपोर्ट। कोर्ट में भी कोई अंतिम फैसला नहीं मिलता, सिवाए इंतजार के। वहीं पवन सिंह ने अदालत में साफ कहा है कि वह ज्योति सिंह के साथ नहीं रहना चाहते हैं और उन्हें कानूनी रूप से तलाक चाहिए।
