पांच पटवारी निलंबित, राजस्व कार्यों में लापरवाही पर कार्रवाई, आदेश हुआ जारी

महासमुंद जिले में राजस्व कार्यों में लापरवाही और डिजिटल फसल सर्वेक्षण का लक्ष्य पूरा नहीं करने पर पांच पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा राजस्व कार्यों की समीक्षा के बाद यह कार्रवाई की गई है। प्रशासन के अनुसार, वर्ष 2026-27 के डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) के तहत शेष खसरों की गिरदावरी के लिए पटवारियों को खसरा नंबर आवंटित किए गए थे। इनका PV ऐप के माध्यम से भौतिक सत्यापन कर 30 सितंबर 2026 तक कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कुछ पटवारियों ने काम शुरू नहीं किया, जबकि कुछ की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई।

इस संबंध में संबंधित पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर प्रशासन ने निलंबन की कार्रवाई की। निलंबित पटवारियों में बसना तहसील के उदय प्रकाश राजपूत, सरायपाली तहसील के जितेंद्र सिंह बाघ, महासमुंद तहसील के हरीश चंद्राकर और बागबाहरा तहसील के कंचन साहू एवं लुकेश यादव शामिल हैं।

प्रशासन के मुताबिक, जितेंद्र सिंह बाघ पर ग्राम पड़कीपाली की शासकीय जमीन को पटवारी अभिलेख में कथित तौर पर दूसरे कृषक के नाम दर्ज करने का आरोप है। वहीं, हरीश चंद्राकर पर ग्राम बड़गांव में खसरा नंबर की वास्तविक स्थिति छिपाकर दोबारा नामांतरण करने का आरोप लगाया गया है। अन्य पटवारियों के खिलाफ डिजिटल फसल सर्वेक्षण और गिरदावरी कार्य में लापरवाही के मामले सामने आए हैं।

जारी आदेश के अनुसार, संबंधित पटवारियों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय संबंधित तहसील कार्यालय रहेगा। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।