इजराइल चुनाव- नेतन्याहू और आइजनकोट दोनों बहुमत से दूर, अरब पार्टियां किंगमेकर
इजराइल के चुनाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और विपक्षी नेता गादी आइजनकोट, दोनों बहुमत से दूर रह गए हैं। 92% वोटों की गिनती के बाद नेतन्याहू का गठबंधन 53 सीटों और आइजनकोट का विपक्षी गठबंधन 48 सीटों पर आगे है। वहीं, अरब पार्टियों को कुल 19 सीटें मिलती दिख रही हैं। सरकार बनाने के लिए संसद की 120 सीटों में से कम से कम 61 सीटें जरूरी हैं। ऐसे में अरब पार्टियां किंगमेकर बन सकती हैं। दूसरी ओर, गुरुवार सुबह डबल-एनवेलप बैलेट की गिनती शुरू हो गई है। इन 5 लाख वोटों से संसद की सीटों का अंतिम बंटवारा बदल सकता है।
डबल-एनवेलप बैलेट का इस्तेमाल उन लोगों के वोटों के लिए होता है जिन्होंने अपने तय मतदान केंद्र से अलग जगह पर वोट डाला। इनमें सैनिक, राजनयिक, पुलिसकर्मी और विस्थापित लोग शामिल हैं।
इजराइल में सरकार बनाने के लिए चुने गए नेता को शुरुआत में 28 दिन का समय मिलता है। जरूरत पड़ने पर राष्ट्रपति इसे 14 दिन और बढ़ा सकते हैं। यानी सरकार बनाने के लिए कुल 42 दिन मिल सकते हैं।
इस दौरान नेता को दूसरी पार्टियों से बातचीत कर समर्थन जुटाना होता है। इसके लिए पार्टियों के बीच नीतियों और मंत्रिपदों को लेकर समझौते हो सकते हैं।
सरकार बनाने के लिए आम तौर पर संसद में 61 सीटों का समर्थन जरूरी होता है। अगर नेता 61 सीटों का समर्थन नहीं जुटा पाता, तो वह छोटी पार्टियों के सहयोग से अल्पमत सरकार बनाने या दो नेताओं के बीच बारी-बारी से प्रधानमंत्री बनने का समझौता करने की कोशिश भी कर सकता है।
