दुबई में बनने जा रही सोने की सड़क, 24 कैरेट गोल्ड पर चलेंगे लोग

दुबई अपनी भव्य इमारतों, आलीशान होटलों और अनोखी चीजों के लिए दुनियाभर में मशहूर है. अब यह शहर एक ऐसी खास सड़क बनाने की तैयारी कर रहा है, जिसकी चर्चा सुनकर हर कोई हैरान है. दरअसल, दुबई में जल्द ही 24 कैरेट सोने से बनी वॉकवे यानी गोल्ड स्ट्रीट तैयार की जाएगी. इस पर लोग आम सड़क की तरह पैदल चल सकेंगे. इसे दुनिया की पहली और सबसे लंबी गोल्ड वॉकवे बताया जा रहा है. खास बात यह है कि इस परियोजना को साल 2026 के अंत तक पर्यटकों के लिए खोलने की योजना है.

दुबई के गोल्ड डिस्ट्रिक्ट में बनने वाली यह सड़क शहर के पर्यटन आकर्षणों में एक नया नाम जोड़ सकती है. इस गोल्ड वॉकवे को खासतौर पर पर्यटकों और सोने के शौकीनों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है. दुबई गोल्ड डिस्ट्रिक्ट के कमर्शियल सेक्टर के वरिष्ठ निदेशक राशिद अल हरमौदी के मुताबिक, इस परियोजना के जरिए लोगों को सोने से बने रास्ते पर चलने का अनोखा अनुभव मिलेगा. रिपोर्ट्स के अनुसार, इसे 2026 के आखिर तक शुरू करने की तैयारी है. हालांकि, इसके निर्माण की पूरी तकनीक और डिजाइन से जुड़ी जानकारी अभी सामने नहीं आई है.

दुबई का गोल्ड डिस्ट्रिक्ट पहले से ही सोने और ज्वेलरी के कारोबार के लिए खास पहचान रखता है. इसे जनवरी 2026 में आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया गया था. यहां सोने, गहनों, परफ्यूम, कॉस्मेटिक्स और लाइफस्टाइल से जुड़ी 1,000 से ज्यादा दुकानें मौजूद हैं. इस इलाके में कई बड़े अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय ज्वेलरी ब्रांड भी कारोबार कर रहे हैं. गोल्ड स्ट्रीट बनने से उम्मीद है कि यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा होगा.

दुबई में इन दिनों सोने से जुड़ी एक और उपलब्धि की चर्चा हो रही है. यहां जॉयअलुक्कास ज्वेलरी ने 22 कैरेट सोने के विशाल झुमके तैयार किए हैं. ‘मयूरा सहस्र’ नाम के इन झुमकों का कुल वजन 16.514 किलोग्राम है. इनकी लंबाई करीब 4 फीट है. इन झुमकों ने दुनिया की सबसे भारी और सबसे बड़ी सोने की बालियों के दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं.
इन झुमकों को बनाने में कारीगरों ने कई महीनों तक मेहनत की है. इनका डिजाइन मोर के पंखों से प्रेरित है. इन्हें दुबई गोल्ड डिस्ट्रिक्ट के ज्वेल ऑफ जॉय शोरूम में दिखाया गया है.

दुबई लगातार ऐसी परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जो दुनियाभर के लोगों का ध्यान खींच सकें. गोल्ड स्ट्रीट भी इसी कोशिश का हिस्सा है. अगर यह परियोजना तय समय पर पूरी होती है, तो पर्यटकों को सोने से बनी सड़क पर चलने का अनोखा मौका मिलेगा. इससे दुबई की गोल्ड सिटी वाली पहचान को भी एक नया आयाम मिल सकता है.