AAP छोड़ने वाले तीनों विधायक BJP में शामिल, बोले- पंजाब में फिरौती इंडस्ट्री बनी, गैंगस्टर सरकार में
अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) को झटका देते हुए पार्टी के तीन नेताओं ने सोमवार (2 नवंबर) को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। इनमें पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह और दो अन्य विधायक शामिल हैं। इससे पहले, निलंबित AAP विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की।
अमृतसर उत्तर सीट से विधायक सिंह ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां को भेज दिया है। सिंह के साथ पंजाब के विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा भी BJP मुख्यालय में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में भगवा पार्टी में शामिल हो गए। पंजाब विधानसभा से सिंह का इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब AAP के दो अन्य विधायकों समाना से चेतन सिंह जौड़ामाजरा और पटियाला जिले की सनौर सीट से हरमीत सिंह पठानमाजरा ने रविवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब आम आदमी पार्टी ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट के सामने आने के बाद पार्टी के कई मौजूदा विधायकों के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी सवाल उठने लगे थे।
1. हरमीत सिंह पठानमाजरा: ये पटियाला जिले की सनौर विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं। उन्होंने रविवार को AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को अपना इस्तीफा भेजा था। पार्टी नेतृत्व के साथ उनके मतभेदों की खबरें पहले से सामने आ रही थीं। उनके निर्वाचन क्षेत्र में पार्टी की ओर से नए हलका इंचार्ज की नियुक्ति भी की गई थी।
2. चेतन सिंह जौड़ामाजरा: ये समाना विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। भगवंत मान सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। हालांकि, मंत्रिमंडल में फेरबदल के दौरान उन्हें मंत्री पद से हटा दिया गया था। रविवार को उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए AAP की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने का ऐलान किया।
3. कुवंर विजय प्रताप सिंह: ये अमृतसर नॉर्थ विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं और पूर्व IPS अधिकारी हैं। जून 2025 में कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों के बाद उन्हें AAP से पांच साल के लिए निलंबित कर दिया गया था। सोमवार को उन्होंने पंजाब विधानसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया। इसके कुछ घंटे बाद BJP में शामिल हो गए।
विधानसभा से इस्तीफा देने के बाद विजय प्रताप सिंह ने अमृतसर के लोगों के नाम एक संदेश भी जारी किया। उन्होंने जनता से मिले प्यार और समर्थन के लिए आभार जताते हुए कहा कि वह आखिरी सांस तक लोगों के ऋणी रहेंगे। उन्होंने पंजाब की मौजूदा परिस्थितियों पर चिंता जताई और राज्य में नशे, फिरौती, गैंगस्टरवाद और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं का जिक्र किया। उन्होंने साफ-सुथरी राजनीति और पारदर्शी प्रशासन की जरूरत पर जोर दिया।
विजय प्रताप ने कहा कि विधायक रहते हुए उन्होंने अपने निर्धारित लक्ष्यों में से करीब 90 प्रतिशत हासिल किए। उन्होंने पानी, सीवरेज, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, सरकारी मेडिकल कॉलेज और बरगाड़ी बेअदबी मामले जैसे मुद्दों को विधानसभा में उठाने का दावा किया। उन्होंने अपने राजनीतिक संदेश में कहा कि अब उनका एकमात्र उद्देश्य ‘पंजाब फर्स्ट’ रहेगा। उन्होंने कहा कि वह राज्य के विकास के लिए साफ राजनीति और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में काम करना चाहते हैं।
AAP में यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब पार्टी ने 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में मुख्यमंत्री भगवंत मान को धूरी, विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां को कोटकपूरा और संजीव अरोड़ा को लुधियाना वेस्ट से उम्मीदवार बनाया गया है। इसके अलावा कुलदीप सिंह धालीवाल, बलकार सिंह, जय कृष्ण सिंह रौड़ी, कुलवंत सिंह और लाभ सिंह उगोके समेत कई नेताओं के नाम भी लिस्ट में शामिल हैं।
हरमीत सिंह पठानमाजरा पहले भी विवादों में रहे हैं। उनके खिलाफ दुष्कर्म के आरोप में मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में गिरफ्तारी से जुड़े घटनाक्रम के बाद उन्हें मार्च 2026 में मध्य प्रदेश के ग्वालियर के पास से गिरफ्तार किया गया था। मई 2026 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से उन्हें नियमित जमानत मिली थी।
