AI Impact Summit में लोगों को मिसमैनेजमेंट से हुई परेशानी, मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मांगी माफी
AI Impact Summit 2026 भारत के लिए एक बड़ा टेक इवेंट है. यहां दुनिया भर से टेक एक्सपर्ट्स, पॉलिसी मेकर्स और इंडस्ट्री लीडर्स पहुंचे हैं. सरकार इस समिट के जरिए यह दिखाना चाहती है कि भारत AI और इनोवेशन के ग्लोबल मैप पर अपनी जगह मजबूत कर रहा है. लेकिन इतने बड़े इवेंट में टेक्नोलॉजी से जुड़ी कुछ दिक्कतें भी सामने आईं. समिट के दौरान कई लोगों ने एंट्री, लॉगिन और डिजिटल पास जैसी चीजों में परेशानी होने की बात कही. कुछ विजिटर्स को ऐप और रजिस्ट्रेशन सिस्टम में स्लोनेस दिखी. कुछ लोगों को सेशंस और डेमो एरिया तक पहुंचने में वक्त लगा. यह समस्याएं सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनीं.
समिट के पहले दिन काफी भीड़ उमड़ी, लेकिन सिक्योरिटी प्रोटोकॉल का हवाला दे कर कुछ घंटों तक के लिए पूरा एरिया खाली करवा दिया गया. इस दौरान स्टार्टअप ने दावा किया की उनके सामान चोरी हो गए. कई लोगों ने इस तरह की शिकायतें सोशल मीडिया पर पोस्ट की हैं.
इन दिक्कतों पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रिएक्ट किया है. उन्होंने कहा कि अगर समिट के दौरान किसी को भी परेशानी हुई है, तो इसके लिए माफी चाहते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि टीम को निर्देश दिए गए हैं कि आगे के दिनों में सिस्टम को और बेहतर किया जाए ताकि विजिटर्स को स्मूथ एक्सपीरियंस मिले.
सरकार का कहना है कि इतने बड़े स्केल पर टेक इवेंट करना अपने आप में एक चैलेंज होता है. हजारों लोग एक साथ प्लेटफॉर्म, ऐप और एंट्री सिस्टम इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में शुरुआती दिनों में कुछ टेक्निकल ग्लिच सामने आ सकते हैं. हालांकि यह भी माना गया कि इन ग्लिच को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और फीडबैक के आधार पर सुधार किए जाएंगे.
AI Impact Summit में कई इंटरनेशनल स्पीकर्स, स्टार्टअप्स और टेक कंपनियां शामिल हैं. यहां AI से जुड़े पैनल डिस्कशन, डेमो और नेटवर्किंग सेशंस चल रहे हैं. इस तरह के इवेंट भारत के लिए ब्रैंड वैल्यू भी बनाते हैं. इसलिए यूजर एक्सपीरियंस का सही होना जरूरी है. अगर बेसिक चीजों में दिक्कत आती है, तो इसका असर समिट की पूरी इमेज पर पड़ता है.
इस पूरे मामले से एक बात साफ होती है. बड़े टेक इवेंट सिर्फ विजन और अनाउंसमेंट से सफल नहीं होते. ग्राउंड लेवल पर सिस्टम, इंफ्रा और एक्सपीरियंस का मजबूत होना उतना ही जरूरी है.
