कॉकरोच पार्टी-AISA की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा, कुछ लोगों ने नारेबाजी की

कॉकरोच जनता पार्टी फाउंडर अभिजीत दीपके और छात्र संगठन AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने 15 अक्टूबर को दिल्ली में जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान नेहा के बोलते ही कुछ लोग ‘बंद करो’ के नारे लगाने लगे। विरोध करने वालों की पहचान नहीं हो सकी है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल, प्रशांत भूषण और एक्टर प्रकाश राज भी थे।

दीपके ने आरोप लगाया कि सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त (CJI) ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए तिरंगा फहराने को भी अपराध बना रही है। उन्होंने कहा कि CJP के आशुतोष रांका और सौरव दास जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने गए थे, लेकिन उन्हें जेल भेज दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार ज्ञानेश कुमार को क्यों बचा रही है?

वहीं, नेहा ने कहा कि लोगों को हिरासत में लेने और उनके साथ मारपीट करने से आंदोलन नहीं रुकेगा। CJP और दूसरे संगठनों ने 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराकर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। वे वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को रोकने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

अभिजीत दीपके: तिरंगा फहराने को भी कानून का उल्लंघन माना गया। किसके लिए? ज्ञानेश कुमार के लिए। सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाने के लिए प्रदर्शनकारियों और विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले रही है।

नेहा बोरा: हिरासत में लेने और मारपीट करने से आंदोलन नहीं रुकेगा। हमारा आंदोलन किसी एक झंडे, पार्टी या व्यक्ति का नहीं है। दिल्ली से लेकर मुंबई तक यह आंदोलन जिंदा है।

प्रकाश राज: जो बचपन में मगरमच्छ से नहीं डरा, वह आज कॉकरोच से डर गया। सरकार ने हमें जंतर-मंतर से छूमंतर करने की कोशिश की, लेकिन हमने पूरे देश को जंतर-मंतर बनाने का फैसला किया है। हम देश के हर जिले और गांव को जंतर-मंतर बना देंगे।

प्रशांत भूषण: सरकार की बर्बरता जारी रही, तो सत्ता बदलनी होगी। भाजपा ने भी बार-बार आंदोलन करके सरकार बदली है। सरकार के खिलाफ विरोध करना कोई अपराध नहीं है। इस देश में तानाशाह सरकार नहीं चल सकती।