अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा डिप्टी CM बनेंगी, महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री होंगी, शपथग्रहण शाम को

अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम होंगी। विधायक दल की मीटिंग के लिए सुनेत्रा शनिवार सुबह मुंबई पहुंच गई हैं। फिलहाल वे अजित के आधिकारिक आवास देवगिरी में मौजूद हैं।62 साल की सुनेत्रा फिलहाल महाराष्ट्र विधानसभा के किसी भी सदन की सदस्य नहीं हैं। आज शनिवार दोपहर 2 बजे NCP के विधायक दल और विधान परिषद सदस्यों की मीटिंग होगी। जहां उन्हें विधायक दल का नेता चुना जाएगा। इससे पहले सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल ने सुनेत्रा से मुलाकात की। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक सुनेत्रा का शपथग्रहण शाम 5 बजे होगा। सुनेत्रा वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं। शपथ से पहले उन्हें राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा देना होगा। अजित पवार की 28 जनवरी को बारामती में प्लेन क्रैश में मौत के बाद डिप्टी CM पद खाली हो गया था। इसे भरने के लिए NCP और फडणवीस सरकार सारी कवायद कर रही है।

सुनेत्रा को पहले राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा देना होगा। जो राज्यसभा के सभापति (उपराष्ट्रपति) को सौंपा जाएगा। सभापति के इस्तीफा स्वीकार करने के बाद ही वे डिप्टी CM पद की शपथ ले पाएंगी।
यह इस्तीफा इसलिए जरूरी है क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 190(1) के तहत कोई भी व्यक्ति एक साथ केंद्र की संसद (राज्यसभा) और राज्य सरकार में मंत्री नहीं रह सकता।
इस्तीफा स्वीकार होने के बाद महाराष्ट्र के राज्यपाल उन्हें मंत्री और डिप्टी CM के रूप में शपथ दिलाएंगे।
संविधान के अनुसार मंत्री बनने के 6 महीने के अंदर उन्हें विधानसभा चुनाव जीतना होगा या फिर विधान परिषद (MLC) का सदस्य बनना होगा।
अगर 6 महीने के अंदर वे विधायक या MLC नहीं बन पाती तो उनका डिप्टी CM और मंत्री पद अपने-आप खत्म हो जाएगा।

अजित के निधन के बाद शरद पवार ने पहली बार सुनेत्रा के शपथग्रहण और NCP के दोनों गुटों के विलय पर बयान दिया है। शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शरद ने कहा- “डिप्टी सीएम पद के लिए सुनेत्रा पवार का नाम दिए जाने की मुझे कोई जानकारी नहीं है। उनकी पार्टी ने फैसला किया होगा। मैंने आज अखबार में देखा।प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे कुछ नाम हैं जिन्होंने कुछ फैसले लेने की पहल की है।”

शरद ने यह दावा भी किया कि दोनों गुटों को एकजुट करना उनके दिवंगत भतीजे अजित पवार की इच्छा थी, और वे इसके बारे में आशावादी थे।

शरद ने कहा- “अब हमें लगता है कि उनकी इच्छा पूरी होनी चाहिए। अजित पवार, शशिकांत शिंदे और जयंत पाटिल ने दोनों गुटों के विलय के बारे में बातचीत शुरू की थी। विलय की तारीख भी तय हो गई थी, यह 12 तारीख (फरवरी) को तय था। दुर्भाग्य से, अजित उससे पहले हमें छोड़कर चले गए।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *