एलियन मिलने वाले हैं ! ब्रिटेन की टॉप वैज्ञानिक ने रखी टाइमलाइन
2025 के दौरान ज्यादातर टाइम एलियंस, यूएफओ, यूएपी, ब्रह्मांड में एलियंस के अस्तित्व और उनके भविष्य में इंसानों से मिलने की संभावना जैसी चर्चाओं से भरा रहा है. जिसमें 3I/ATLAS नाम के इंटरस्टेलर ऑब्जेक्ट के धरती के पास आने की चर्चा और भी तेज हो गई. क्योंकि, कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि ये इतने सीधे रास्ते पर है कि ये शायद एक एलियन का अंतरिक्ष यान हो सकता है. अब इस चर्चा में ब्रिटेन की एक शीर्ष अंतरिक्ष वैज्ञानिक भी शामिल हो चुकी हैं. उन्होंने घोषणा घोषणा करते हुए कहा कि उन्हें पूरी तरह से विश्वास है कि ब्रह्मांड में एलियंस मौजूद हैं और उन्होंने एलियंस की खोज के लिए एक तय समय सीमा भी बताई है.
उनका मानना है कि अगले 50 साल के अंदर एलियन मिल जाएंगे. यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के भौतिकी और खगोल विज्ञान विभाग की डेम मैगी एडरिन-पोकॉक ने यह भी दावा किया कि इंसान 2075 तक किसी दूसरे ग्रह पर जीवन की खोज कर लेगा. हालांकि, उनकी इस बात पर लगभग सभी वैज्ञानिक इस बात पर सहमत हैं कि जब कभी भी किसी एलियंस की खोज होगी तो वो तकनीकी तौर पर हमेशा कहीं ज्यादा विकसित होगी. डेम मैगी का भी यही मानना है और वो कहती है कि जब कभी एलियंस मिलेंगे तो वो इंसानों से कहीं अधिक प्राचीन होंगे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मैगी ने यह भी का कि ब्रह्मांड में लगभग 200 अरब से ज्यादा आकाशगंगाएं होने का अनुमान है, जिसके चलते पृथ्वी ही अकेली ऐसी जगह नहीं हो सकती जहां जीवन के लिए आवश्यक तत्व मौजूद हों. उन्होंने अपनी थ्योरी पर विश्वास जताते हुए कहा कि कहीं न कहीं जीवन अवश्य है. इसके पीछे उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि इतने सारे तारों और इतने सारे ग्रहों के होते हुए, जीवन सिर्फ धरती पर ही क्यों होगा.
वैज्ञानिकों ने इसके लिए एक ड्रेक समीकरण भी प्रस्तुत किया है. जिसके अनुसार ब्रह्मांड में आकाशगंगाओं की बड़ी संख्या ये दर्शाती है कि हम अकेले नहीं हैं. क्योंकि अकेले मिल्की वे आकाशगंगा में ही 300 अरब से अधिक तारे हैं, जिनमें सभी हमारे सूर्य के समान हैं और कुछ तो उससे भी बड़े हैं. खगोलविदों का दावा है कि हमारे सौर मंडल के बाहर तारों की परिक्रमा करने वाले हजारों ग्रहों की खोज हुई है. जिनमें अकेले नासा ने ही कम से कम 6000 दूसरे ग्रहों की पुष्टि की है. आपको बता दें कि पृथ्वी से लगभग 124 प्रकाश वर्ष दूर स्थित एक ऐसा ही ग्रह K2–18b 2025 में सुर्खियां बटोर चुका है. ये पृथ्वी से बड़ा है और अपने रहने लायक क्षेत्र में मौजूद एक लाल बौने तारे की परिक्रमा करता है. जिसके वायुमंडल में वैज्ञानिकों ने ऐसे अणुओं का भी पता लगाया है जो केवल तभी संभव हैं जब वहां किसी प्रकार का जीवन मौजूद हो. इसको लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि केबी-18बी ग्रह पर महासागर हो सकता है और हो सकता है कि जीव-जंतु भी रहते हों.
