आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी बोले- ऑपरेशन सिंदूर में नमाज के समय कोई स्ट्राइक नहीं की

आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने एक पॉडकॉस्ट में दो टूक कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान में नमाज के समय कोई स्ट्राइक नहीं की। ऐसा इसलिए क्योंकि हमारा मानना है कि सबका मालिक एक है। भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किसी भी निर्दोष को नुकसान नहीं पहुंचाया। इस बीच आर्मी चीफ ने ये भी कहा कि युद्ध अब पहले जैसे नहीं रहे। भारतीय सेना के प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में अपने अनुभवों और विचारों को साझा किया। इसी दौरान उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा बयान दिया। इस वीडियो में सेना प्रमुख कह रहे कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हम उस समय अटैक नहीं करते थे जब दूसरी तरफ लोग नमाज पढ़ रहे होते थे। हमारा मानना है कि सबका का मालिक एक है।

आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय सेना ने जान-बूझकर नमाज के समय पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी कैंपों पर हमला करने से परहेज किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि युद्ध जैसे हालात में भी भारतीय सेना ने संयम और सम्मान का परिचय दिया।
इस दौरान उन्होंने सैन्य निर्णयों में नैतिकता, ऑपरेशन सिंदूर, आस्था और व्यक्तिगत जीवन के प्रभाव जैसे अहम मुद्दों पर खुलकर बात की। आईआईएमयूएन के पॉडकास्ट के एक एपिसोड में भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने उन प्रभावों के बारे में बात की, जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में उनके नेतृत्व को आकार दिया है। ऋषभ शाह की ओर से होस्ट किया जाने वाला यह पॉडकास्ट सार्वजनिक हस्तियों के जीवन के उन शुरुआती अनुभवों को सामने लाने के लिए जाना जाता है, जिन्होंने उनके जीवन का आकार दिया है। जनरल द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लिए गए निर्णयों पर चर्चा करते हुए बताया कि सेना केवल रणनीति के आधार पर ही नहीं, बल्कि मानवीय और नैतिक मूल्यों को ध्यान में रखकर भी कार्य करती है।

आर्मी चीफ ने एक महत्वपूर्ण उदाहरण साझा करते हुए कहा कि ऑपरेशन के दौरान लक्ष्य को नष्ट करने के लिए समय (टाइमिंग) पूरी तरह उनके नियंत्रण में था, लेकिन उन्होंने एक खास समय पर हमला नहीं करने का फैसला लिया। जब आर्मी चीफ से पूछा गया कि क्या ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उन्होंने भगवान कृष्ण और अर्जुन को दिए गए उपदेशों पर विचार किया था।

जनरल द्विवेदी ने बताया कि जब हमें इन लक्ष्यों को नष्ट करना था, तो समय दो बजे, चार बजे यानी कभी भी हो सकता था। लेकिन हमने यह सुनिश्चित किया कि जब आतंकवादी शिविर में दूसरी तरफ के लोग अपनी नमाज अदा कर रहे हों, तो हम उस समय कोई कार्रवाई न करें; क्योंकि ‘सबका मालिक एक है’। इसीलिए हमने ऐसा समय चुना, जब हमें पता था कि वे नमाज नहीं पढ़ रहे होंगे।