कांकेर में दो बाघों की खाल के साथ दो गिरफ्तार, वन्यजीव तस्करी के खिलाफ ‘ऑपरेशन सेफ पैसेज’ में कार्रवाई
कांकेर जिले में वन विभाग को वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है. महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर चलाए गए विशेष अभियान “ऑपरेशन सेफ पैसेज” के तहत दो आरोपियों को बाघ की खाल के साथ गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों के कब्जे से लाखों रुपये मूल्य की दो बाघ की खाल और एक मोटरसाइकिल जब्त की गई है.
मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने सोमवार रात करीब 12 बजे पश्चिम बांदे वन परिक्षेत्र के पीवी-78 जनकपुर चौक में घेराबंदी कर दो संदिग्धों को पकड़ा. गिरफ्तार आरोपी बाबूराव मडावी और बिजेश्वर गेडाम महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के आहेरी थाना क्षेत्र के निवासी हैं.तलाशी के दौरान उनके कब्जे से दो बाघों की खाल बरामद की गई, जिन्हें जांच के लिए रायपुर भेजा गया है.
भानुप्रतापपुर पश्चिम वन मंडल के डीएफओ नवीन कुमार ने बताया कि परसो रात में पखांजूर इलाके में बाइक सवार दो लोगों को पकड़ा गया है, जिनके पास से 2 बाघ के खाल बरामद की गई है. यह कार्रवाई उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के एंटी-पोचिंग दल द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन सेफ पैसेज” के तहत की गई. अभियान में वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो, राज्य स्तरीय फ्लाइंग स्क्वॉड, पश्चिम भानुप्रतापपुर वन मंडल और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम शामिल रही. वन विभाग को आशंका है कि जब्त की गई बाघों की खाल इंद्रावती टाइगर रिजर्व और अबूझमाड़ क्षेत्र में शिकार किए गए बाघों की हो सकती है.
यह क्षेत्र गढ़चिरौली, इंद्रावती, अबूझमाड़, उदंती-सीतानदी और सुनाबेड़ा को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण वन्यजीव गलियारे का हिस्सा है, जहां बाघों समेत कई दुर्लभ वन्यजीवों की आवाजाही होती है. मामले में वन अपराध प्रकरण दर्ज कर विस्तृत जांच की जा रही है.वन विभाग का कहना है कि वन्यजीव अपराधों के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी.इस कार्रवाई को अंतर्राज्यीय वन्यजीव तस्करी नेटवर्क पर बड़ी चोट और बाघ संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है.
