बस्तर की बुधरी ताती को पद्म पुरस्कार, राष्ट्रपति ने किया पुरस्कृत, सेवा को मिला सम्मान

साल 2026 के प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों का वितरण नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया. मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में बस्तर के दंतेवाड़ा की बुधरी ताती को पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया. समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दंतेवाड़ा की समाजसेविका बुधरी ताती को यह पुरस्कार प्रदान किया गया.
बुधरी ताती ने सेवा भावना, मानवीय संवेदना और सामाजिक प्रतिबद्धता से छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है. बुधरी ताती दंतेवाड़ा के हीरानगर की रहने वाली हैं. उन्हें महिला सशक्तिकरण, आदिवासी उत्थान एवं समाजसेवा के लिए पद्मश्री सम्मान प्रदान किया गया है. साल 1984 से बुधरी ताती लगातार वनांचल क्षेत्र में सेवा दे रही हैं. बुधरी ताती ने बस्तर के दूर दराज क्षेत्रों में अब तक 500 से ज्यादा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम किया है.

इससे पहले बुधरी ताती को छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है. उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन आदिवासी बच्चियों की शिक्षा, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा वृद्धजनों की सेवा के लिए समर्पित कर दिया है. उनके समर्पण और स्नेहभाव के कारण स्थानीय लोग उन्हें बस्तर में बड़ी दीदी के नाम से पुकारते हैं.

राष्ट्रपति ने आज कुल 65 हस्तियों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया है. सरकार ने 2026 के लिए 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की थी, जिनमें पांच पद्म विभूषण पुरस्कार शामिल थे.राष्ट्रपति ने 25 मई को आयोजित पहले नागरिक सम्मान समारोह में 65 पद्म पुरस्कार प्रदान किए थे.जिनमें दो पद्म विभूषण, छह पद्म भूषण और 57 पद्म श्री शामिल थे.

पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक है. यह तीन श्रेणियों में दिए जाते हैं. जिसमें पद्म विभूषण,पद्म भूषण और पद्म श्री शामिल है. ये पुरस्कार विभिन्न क्षेत्रों में योगदान के लिए दिए जाते हैं – जैसे कला, समाज सेवा, जनसेवा, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य और शिक्षा, खेल, सिविल सेवा आदि.पद्म विभूषण असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है. पद्म भूषण उच्च स्तर की विशिष्ट सेवा के लिए और पद्म श्री किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है.