शाह बोले- गुंडाधुर की धरती बनेगी तीर्थस्थल, बस्तर में केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा- सरकारी नौकरी में आदिवासी युवाओं को 15% आरक्षण मिलेगा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के बस्तर स्थित नेतानार में बड़ा बयान देते हुए कहा कि अब बस्तर से “खूनी गनतंत्र” समाप्त हो चुका है और क्षेत्र में विकास, रोजगार और आधुनिक सुविधाओं का नया दौर शुरू हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों में हुए कामों के बाद अब पूरा इलाका आदिवासी समाज से भरा दिखाई दे रहा है। अमित शाह ने कहा कि बस्तर की इसी धरती से अमर शहीद गुंडाधुर ने अंग्रेजों के खिलाफ ऐतिहासिक लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने पुराने दौर को याद करते हुए कहा कि कभी यहां पुलिसकर्मियों की हत्या होती थी, स्कूल उजाड़ दिए जाते थे और गरीबों का राशन तक छीन लिया जाता था। नक्सलियों का खौफ इतना था कि मासूम बच्चों को भी जबरन उठा लिया जाता था।
गृह मंत्री ने कहा कि अब सरकार बस्तर को एक प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि आदिवासी बच्चों को अब वही सुविधाएं दी जाएंगी, जो बड़े शहरों में रहने वाले बच्चों को मिलती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हर गरीब परिवार तक साफ पीने का पानी पहुंचा रही है। साथ ही राशन कार्ड, आधार कार्ड और स्वास्थ्य सुविधाओं को तेजी से लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। आयुष्मान योजना के तहत गरीबों को 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है।
#WATCH | Bastar, Chhattisgarh: Union Home Minister Amit Shah inaugurates the ‘Jan Jan Suvidha Kendra’ model from Netanar village in the Bastar.
Speaking at the occasion, he says, “Today is a truly historic day… I assure you that within just six months, this centre, which… pic.twitter.com/e4dOZxDfYX
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) May 18, 2026
अमित शाह ने कहा कि सरकार आदिवासी युवाओं को रोजगार देने के लिए बड़े स्तर पर काम कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि सरकारी नौकरियों में आदिवासी युवाओं को 15 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। साथ ही उद्योगों में भी रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जा रहा है और गरीब परिवारों को मुफ्त चावल भी दिया जाएगा।
इससे पहले अमित शाह ने रायपुर के माना स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में डायल-112 सेवा के लिए 400 नए हाईटेक वाहनों को हरी झंडी दिखाई। “एक्के नंबर, सब्बो बर” थीम पर शुरू हुई इस सेवा के जरिए अब क्राइम, मेडिकल इमरजेंसी और आगजनी जैसी घटनाओं में एक ही नंबर पर मदद मिलेगी। इन वाहनों में GPS, डैश कैम, PTZ कैमरा, वायरलेस रेडियो और सोलर बैकअप जैसी आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं, जिससे पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम और मजबूत होगा।
राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी 33 जिलों के लिए आधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट्स भी शुरू की हैं। इन यूनिट्स की मदद से घटनास्थल पर ही शुरुआती जांच की जा सकेगी, जिससे अपराध जांच प्रक्रिया और तेज होगी।
