जूते खरीदने के पैसे नहीं थे, मां ने गहने बेचे… IPL में चमका बिहार का बेटा साकिब हुसैन
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) ने एक बार फिर छोटे शहरों के खिलाड़ियों को बड़े मंच पर चमकने का मौका दिया है. इसी कड़ी में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के तेज गेंदबाज साकिब हुसैन ने अपने डेब्यू मैच में शानदार प्रदर्शन कर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया. आईपीएल 2026 के 21वें मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स (RR) के खिलाफ साकिब ने 13 अप्रैल को घातक गेंदबाजी (4-0-24-4) करते हुए 4 विकेट झटके और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई. यह उनका आईपीएल करियर का पहला मैच था, जिसे उन्होंने यादगार बना दिया. साकिब के लिए यह सफर आसान नहीं रहा. बिहार के गोपालगंज जिले में 14 दिसंबर 2004 को जन्मे साकिब एक साधारण किसान परिवार से आते हैं. उनके पिता खेती करते हैं और आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने बेटे के क्रिकेट सपनों को टूटने नहीं दिया.
घरेलू क्रिकेट में साकिब का प्रदर्शन लगातार बेहतर रहा है. उन्होंने 2024 में बिहार के लिए शानदार खेल दिखाया और फिर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने उन्हें आईपीएल 2024 के लिए 20 लाख रुपये में खरीदा. हालांकि उस सीजन में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला. आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद ने साकिब को 30 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया. इस बार उन्हें मौका मिला और उन्होंने उसे दोनों हाथों से भुनाया. उनकी तेज गेंदबाजी और सटीक लाइन-लेंथ ने राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाजों को संभलने का मौका ही नहीं दिया. मैच के बाद साकिब ने अपनी सफलता का श्रेय टीम के सीनियर खिलाड़ियों को दिया. उन्होंने कहा कि टीम के अनुभव ने उन्हें आत्मविश्वास दिया और वे आगे भी इसी तरह अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं.
साकिब हुसैन की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं. आईपीएल जैसे मंच ने उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया और उन्होंने साबित कर दिया कि काबिलियत किसी पहचान की मोहताज नहीं होती.
केकेआर द्वारा शेयर एक पुराने वीडियो में बिहार के लाल साकिब ने अपनी कहानी बताई. एक समय उनके पास बॉलिंग स्पाइक्स वाले जूते जो 10 से 15 खरीदने के लिए पैसे नहीं थे, क्योंकि अगर वो जूते लेते तो फिर खाना कैसे खाते? इसके बाद जब जूते वाली बात अपनी मां सुबुक्तरा खातून को बताई. जूते ना होने की बात पर वह रोने लगे. फिर साकिब की मां ने अपने आभूषण बेच दिए और उसको जूते दिलवाए. साकिब के पिता अली अहमद हुसैन ने इसी वीडियो में बताया कि एक समय ऐसा था कि उनका घुटना काम नहीं कर रहा था तो खाने के पैसों का भी अभाव हो गया.
साकिब ने इस वीडियो में बताया वह चाहते थे कि परिवार की स्थिति थोड़ी ठीक हो जाए, इसी वजह से वह आर्मी में जाना चाहते थे. गोपालगंज में ही जब आर्मी के मैदान में रनिंग करने के लिए जाते थे तो कुछ लोगों ने साकिब के पिता से कहा कि आपको इसको क्रिकेट खेलने के लिए मोटिवेट करना चाहिए. शुरुआत में उन्होंने टेनिस बॉल से खेलते थे. उनका प्रदर्शन सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार रहा था, जहां एक मैच में उन्होंने बिहार के लिए खेलते हुए 2 मैचों में 4 विकेट लिए, उनके इस प्रदर्शन को आईपीएल के स्काउट ने भी नोटिस किया, इसके बाद वो पहली बार चेन्नई सुपर किंग्स के नेट बॉलर बन गए. फिर वो केकेआर और बाद में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए चुने गए.
