चुनावी बॉन्ड बंद होने के बाद भी BJP मालामाल, ECI की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

भारतीय राजनीति के वित्तीय परिदृश्य में एक बड़ा धमाका हुआ है। चुनाव आयोग (ECI) को सौंपी गई ताजा वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चंदा प्राप्त करने और चुनावी खर्च के मामले में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान, जब देश ने 18वीं लोकसभा के ऐतिहासिक चुनाव देखे, बीजेपी की कुल आय 6,769 करोड़ रुपये से अधिक दर्ज की गई है। यह आंकड़ा इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा चुनावी बॉन्ड योजना को रद्द किए जाने के बाद यह पहली बड़ी रिपोर्ट है। रिपोर्ट से साफ है कि बॉन्ड खत्म होने के बावजूद बीजेपी को मिलने वाले स्वैच्छिक दान में 54% की भारी बढ़ोतरी हुई है। विपक्ष के साथ वित्तीय खाई अब इतनी चौड़ी हो गई है कि अकेले बीजेपी का चंदा कांग्रेस के मुकाबले करीब 12 गुना अधिक है। इस लेख में हम बीजेपी की आय, कॉरपोरेट दान और चुनावी विज्ञापनों पर हुए भारी खर्च के एक-एक आंकड़े का विस्तार से विश्लेषण करेंगे। चुनाव आयोग को 27 दिसंबर 2025 को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, बीजेपी की वित्तीय सेहत पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुई है।

कुल आय में उछाल: वित्त वर्ष 2023-24 में पार्टी की आय 4,340 करोड़ रुपये थी, जो 2024-25 में बढ़कर 6,769.14 करोड़ रुपये हो गई।

स्वैच्छिक योगदान: कुल आय का शेर-हिस्सा (लगभग 90%) स्वैच्छिक चंदे से आया, जो 6,125 करोड़ रुपये रहा।

इलेक्टोरल बॉन्ड का विकल्प: बॉन्ड बंद होने के बावजूद कॉरपोरेट और इलेक्टोरल ट्रस्ट से मिलने वाले चंदे ने इसकी भरपाई कर दी। कंपनियों से मिलने वाला दान 1,885 करोड़ रुपये (FY24) से बढ़कर 5,422 करोड़ रुपये (FY25) हो गया।

कांग्रेस को मिलने वाले दान में 54% की गिरावट आई है, जिसका मुख्य कारण चुनावी बॉन्ड का बंद होना माना जा रहा है।

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