बलूचिस्तान में BLA का दशकों बाद सबसे बड़ा हमला, बारूद के ढेर पर चीन का अरबों डॉलर का CPEC

पाकिस्तान में शनिवार को बलूचिस्तान के 12 शहरों में एक साथ हमला किया गया। ये दशकों में हुआ सबसे बड़ा समन्वित हमला था। इस दौरान बलूचिस्तान के सबसे प्रमुख सैन्य ठिकाने, नागरिक स्थान, पुलिस चौकी और अर्धसैनिक बलों के ठिकानों पर जोरदार हमला किया गया। इस हमले में आत्मघाती हमलावरों के साथ साथ महिला लड़ाके भी शामिल थीं। ये बलूचिस्तान में दशकों के बाद हुआ सबसे बड़ा हमला था। चीन और अमेरिका के लिए ये बड़ा अलर्ट है, जिन्होंने इस अविकसित क्षेत्र में भारी भरकम निवेश कर रखा है। बलूचिस्तान में प्राकृतिक गैस और दुर्लभ खनिजों का विशाल भंडार है। चीन का अरबों डॉलर का CPEC प्रोजेक्ट चल रहा है तो अमेरिका भी इस क्षेत्र में काफी दिलचस्पी दिखा रहा है।

इस हमले का पैमाना अमेरिका और चीन दोनों के लिए एक चेतावनी है, जिनका इस क्षेत्र में बड़ा हित है। अविकसित होने के बावजूद, बलूचिस्तान में प्राकृतिक गैस और दुर्लभ खनिजों का विशाल भंडार है, जो पाकिस्तान, चीन (CPEC इंफ्रास्ट्रक्चर के ज़रिए) से भारी निवेश और महत्वपूर्ण खनिजों में अमेरिका की बढ़ती दिलचस्पी को आकर्षित करता है।

बलूचों के हमले ने पूरे पाकिस्तान को दहला कर रख दिया है। विदेश नीति विशेषज्ञ माइकल कुगेलमैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि “बलूचिस्तान में आज के हमले उन लोगों के लिए एक वेक-अप कॉल होने चाहिए, जिनमें वाइट हाउस के लोग भी शामिल हैं, जो पाकिस्तान के अहम मिनरल रिजर्व में निवेश करने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। BLA की मुख्य शिकायतों में से एक लोकल संसाधनों का बाहरी शोषण है।”

बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने शनिवार को जबरदस्त तालमेल के साथ एक साथ बम धमाके, आत्मघाती हमले और फायरिंक की। इस ऑपरेशन को उसने “हेरोफ 2” नाम दिया। हेरोफ, एक बलूची साहित्यिक शब्द है जिसका मतलब है “काला तूफान”, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर बलूच कविता में किया जाता है। बलूच कवि करीम दश्ती भी कई कविताओं में इस शब्द को शामिल कर चुके हैं। 2024 में हेरोफ-1 के समय सिर्फ पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया था।

पाकिस्तानी सेना के बयानों का हवाला देते हुए क्वेटा, नोशकी, मस्तंग, दलबांदिन, कलात, खारान, पंजगुर, ग्वादर, पसनी, तुरबत, टंप, बुलेदा, मैंगोचर, लासबेला, केच और अवारान में एक साथ बंदूक और बम हमले की पुष्टि की है। इन हमलों में सरकारी इमारतों, सुरक्षा प्रतिष्ठानों और नागरिकों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तान इंटेलिजेंस ब्यूरो ने 800 से 1000 बलूच लड़ाकों के इस हमले में शामिल होने की जानकारी दी है।

क्वेटा में भारी हथियारों से लैस विद्रोहियों ने कई पुलिस स्टेशनों और मोबाइल यूनिट्स पर हमला किया, हॉकी चौक में भयानक धमाके किए। इसके अलावा शहर की कई मुख्य सड़कों पर भी हमले किए गये।
मस्तुंग में बलूच स्वतंत्रता सेनानियों ने सेंट्रल जेल पर बंदूक और बम से हमला किया और कम से कम 30 कैदियों को छुड़ा लिया।
रॉयटर्स ने एक सीनियर पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया है कि ग्वादर में, विद्रोहियों ने प्रवासी मजदूरों के एक कैंप पर हमला कर 11 लोगों को मार दिया, जो पंबाज प्रांत के रहने वाले थ।
कलात में डिप्टी पुलिस कमिश्नर के हेडक्वार्टर और पुलिस लाइन को उड़ा दिया गया, जबकि नुश्की में डिप्टी कमिश्नर हुसैन हजारा को उनके परिवार के साथ अगवा कर लिया गया है।
पासनी में एक कोस्ट गार्ड पोस्ट को बलूचों ने ध्वस्त कर दिया, जिसमें कई जवान मारे गये हैं। बोलन, लक पास और किला सैफुल्लाह-रखनी में हाईवे को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। वहीं, नसीराबाद में रेलवे लाइन पर विस्फोटक लगाए गये थे, जिसे पुलिस ने डिफ्यूज कर दिया।

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