भारतीय लोगों की जर्मनी में बंपर भर्तियां.. कई सेक्टर में कर सकते हैं अप्लाई

अमेरिका में H-1B Visa आवेदन शुल्क बढ़ने के बाद से वहां काम कर रहे भारतीय वर्कर्स चिंता में हैं यूएस की कंपनियां एच-1बी वीजा वालों को 1 लाख डॉलर फीस चुका कर हायर करेगी या अमेरिका के लोगों को ही नौकरी पर रखना पसंद करेगी. ऐसे कई सवाल हैं जो भारतीय वर्कर्स की नींद उड़ रहे हैं. किसी को लगी हुई नौकरी का डर सता रहा है तो कुछ भारतीय छात्र सोच रहे हैं कि उनका अमेरिका में करियर बन सकेगा या नहीं. अगर आप भी विदेश जॉब करना चाहते हैं लेकिन अब अमेरिका में कुछ होगा या नहीं, ये सोच रहे हैं तो जर्मनी जाने का प्लान कर सकते हैं. जर्मनी की ओर से खुद भारतीय लोगों को नौकरी के लिए बुलाया जा रहा है. स्किल माइग्रेशन के लिहाज से भारतीय लोगों को जर्मनी खुद नौकरी करने के लिए बुला रहा है. यूरोप के आर्थिक इंजन के तौर पर जाने जाने वाले जर्मनी ज्यादा से ज्यादा स्किल वर्कर की भर्ती करने का सोच रहा है. अलग-अलग सेक्टर्स में भर्ती का ऐलान किया गया है.

इसका ऐलान भारत और भूटान में जर्मन राजदूत डॉ. फिलिप एकरमैन ने किया है. सोशल मीडिया एक्स पर एकरमैन ने भारतीय लोगों को जॉब ऑफर किया है. पोस्ट के मुताबिक सभी हाई स्किल्ड भारतीयों के लिए अलग-अलग सेक्टर में भर्ती का ऐलान किया है. अपनी स्थिर प्रवासन नीतियों के कारण अलग पहचान रखने वाला जर्मनी आईटी, मैनेजमेंट, विज्ञान और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्र में भारतीयों को रोजगार देने का ऐलान कर रहा है.

जर्मनी में भारतीय स्किल वर्कर्स के लिए रोजगार का अवसर है. पिछले साल किए गए ऐलान के मुताबिक जर्मनी में 2 लाख प्रोफेशनल्स वीजा जारी हो सकते हैं. इनमें 90 हजार वीजा भारतीयों के लिए जारी किए जाएंगे. वर्तमान में जर्मनी में 1.30 लाख से अधिक भारतीय कर्मचारी प्रोफेशनल्स वीजा के तहत विभिन्न सेक्टर में नौकरी कर रहे हैं.
जर्मनी में नौकरी पाने के लिए सबसे प्रसिद्ध EU ब्लू कार्ड है जिसे किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से डिग्री हासिल करने वाले उम्मीदवार को दिया जाता है. जर्मनी में ऐसे लोगों को कोई भी कंपनी नौकरी दे सकती है. 48300 यूरो से अधिक सैलरी वालों को ही ब्लू कार्ड मिलता है.

 

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