CGMSC ने आयरन-फोलिक एसिड की दवा अस्पतालों से वापस मंगाई, रंग बदलने और टैबलेट टूटने की शिकायत

छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन (CGMSC) ने आयरन-फोलिक एसिड की एक दवा बैच को वापस मंगाने के निर्देश जारी किए हैं। यह आदेश रायपुर और बलौदाबाजार जिले के अस्पतालों, जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को जारी किया गया है। मामला फेरस सल्फेट एंड फोलिक एसिड (लाल रंग) दवा (ड्रग कोड- D221M) के बैच नंबर एफएफआर 240703 से जुड़ा है। इस बैच की कुछ टैबलेट्स का रंग बदला हुआ और टूटा हुआ मिलने की शिकायतें मिली थी। शिकायत के बाद दवा का दोबारा गुणवत्ता परीक्षण कराया गया।

बता दें कि यह दवा गर्भवती महिलाओं, किशोरियों और एनीमिया से पीड़ित मरीजों को दी जाती है। ऐसे में टैबलेट के रंग बदलने और टूटने की शिकायत को गंभीर मानते हुए एहतियातन रिकॉल किया गया है। परीक्षण में दवा की गुणवत्ता मानक के अनुरूप पाई गई, लेकिन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए संबंधित फर्म मेसर्स सिप्को फार्मास्यूटिकल्स को बैच उठाने (रिकॉल) के निर्देश दिए गए हैं।

दवा गोदाम शाखा रायपुर ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देश दिया है कि इस बैच का उपलब्ध स्टॉक तत्काल वापस गोदाम में जमा कराया जाए।

आदेश अंबेडकर अस्पताल, डीकेएस पोस्ट ग्रेजुएट संस्थान, शासकीय डेंटल कॉलेज, रायपुर-बलौदाबाजार के CMHO कार्यालय, जिला अस्पताल, CHC, PHC और शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को भेजा गया है।