CGPSC भर्ती घोटाला: दुर्ग जिले में ED का एक्शन, पूर्व सचिव जीवन किशोर और IAS अमृत खलको के ठिकानों पर छापा

दुर्ग: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सीजीपीएससी भर्ती घोटाले की जांच में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने तड़के सुबह दुर्ग जिले में कई ठिकानों पर दबिश दी. भिलाई के सेक्टर-10 स्थित सीजीपीएससी के पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव के निवास समेत पर ED की टीम पहुंची. वहीं राज्यपाल के पूर्व सचिव और आईएएस अधिकारी अमृत खलको के घर पर भी जांच एजेंसियों ने छापेमार कार्रवाई की है.

जानकारी के मुताबिक, ईडी की विशेष टीम सुबह करीब चार बजे भिलाई के सेक्टर-10, स्ट्रीट नंबर-44 स्थित सीजीपीएससी के पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव के घर पहुंची. कार्रवाई के दौरान आधा दर्जन से अधिक अधिकारी घर के भीतर मौजूद रहे और महत्वपूर्ण दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की गई.

सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए निवास के बाहर सीआरपीएफ के जवानों की तैनाती भी की गई है. जीवन किशोर ध्रुव पूर्व में माटी कला बोर्ड के प्रबंध संचालक और राजनांदगांव में अपर कलेक्टर के पद पर भी पदस्थ रह चुके हैं. इससे पहले सीबीआई भी इस मामले में उनके निवास पर छापेमारी कर चुकी है.

सीजीपीएससी भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में ईडी और सीबीआई की संयुक्त टीम ने राज्यपाल के पूर्व सचिव एवं आईएएस अधिकारी अमृत खलको के भिलाई स्थित तालपुरी निवास पर भी दबिश दी. केंद्रीय एजेंसियों की टीम घर में दस्तावेजों की जांच और पूछताछ कर रही है. साथ ही बैंक खातों, निवेश और चल-अचल संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं.

गौरतलब है कि वर्ष 2024 में अमृत खलको का नाम सीजीपीएससी भर्ती विवाद में सामने आया था. आरोप लगे थे कि परीक्षा परिणामों में अनियमितता हुई, जिसके बाद उन्हें राज्यपाल के सचिव पद से हटा दिया गया था. उनकी बेटी नेहा खलको ने परीक्षा में 13वां और बेटे निखिल खलको ने 17वां रैंक हासिल किया था, जिसके आधार पर दोनों का चयन डिप्टी कलेक्टर पद के लिए हुआ था.

फिलहाल जांच एजेंसियां मामले से जुड़े वित्तीय पहलुओं और कथित अनियमितताओं की गहराई से पड़ताल कर रही हैं. इस कार्रवाई के बाद पूरे प्रदेश की नजर अब जांच के अगले कदम पर टिकी हुई है.