CGPSC घोटाला, ललित गणवीर के घर ED की दबिश, राजनांदगांव में तत्कालीन डिप्टी परीक्षा नियंत्रक के यहां कार्रवाई जारी
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती अनियमितता मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। बुधवार तड़के सुबह से ही ED की टीमों ने प्रदेश के रायपुर, भिलाई, दुर्ग और राजनांदगांव समेत लगभग 10 से अधिक महत्वपूर्ण ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। यह कार्रवाई भारी सुरक्षा बल (CRPF) के घेरे में की जा रही है, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
राजनांदगांव में ED की टीम ने तत्कालीन डिप्टी परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर और कृषि विस्तार अधिकारी भूपेंद्र गणवीर से जुड़े ठिकानों पर दबिश दी। ललित गणवीर इस घोटाले में अपनी कथित भूमिका के कारण पहले से ही जेल (न्यायिक हिरासत) में बंद हैं। ED की लगभग 8 से 10 अधिकारियों की टीम उनके घर के भीतर डिजिटल साक्ष्य, बैंक रिकॉर्ड, ज़मीन-जायदाद के कागज़ात और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज़ों की सघन जांच कर रही है।
जे.के. ध्रुव (पूर्व सचिव, CGPSC): भिलाई के सेक्टर-10 स्थित इनके निवास पर ED और CBI की संयुक्त सक्रियता देखी गई। इनके बेटे सुमित ध्रुव का चयन भी नियमों को ताक पर रखकर डिप्टी कलेक्टर के पद पर किए जाने का आरोप है।
अमृत खलको (पूर्व आईएएस अधिकारी): भिलाई के तालपुरी स्थित इनके निवास पर भी तलाशी ली गई। इनकी बेटी नेहा (13वीं रैंक) और बेटे निखिल (17वीं रैंक) का चयन भी डिप्टी कलेक्टर के रूप में हुआ था, जो जांच के दायरे में है।
आरती वासनिक (तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक): इनके रायपुर स्थित ठिकानों पर भी अधिकारियों ने रिकॉर्ड खंगाले।
