छत्तीसगढ़ में बिजली गिरने से 3 महिलाओं की मौत, 5 दिन आंधी-बारिश का अलर्ट

छत्तीसगढ़ के कई जिलों में पिछले दो दिनों से जारी भीषण आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई है. मंगलवार और बुधवार को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बिजली गिरने की घटनाओं में तीन महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. मौसम के इस बदले मिजाज से पूरे प्रदेश में दहशत का माहौल है.

सबसे दर्दनाक हादसा दंतेवाड़ा जिले से सामने आया है, जहां मंगलवार शाम को चंदेनार जतारा (मेला) और साप्ताहिक बाजार में अचानक मौसम खराब हो गया. घने बादल छाने और तेज हवाओं के बीच अचानक बाजार क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरी. इसकी चपेट में आने से 1 महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 11 अन्य ग्रामीण झुलस गए.

घायलों को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से 1 की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है. चश्मदीदों के मुताबिक, हादसे के वक्त बाजार में भारी भीड़ थी, जिससे बिजली गिरते ही चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई. वहीं, बीजापुर जिले के उसूर ब्लॉक के पेरमपल्ली गांव से दूसरी मौत की खबर है. यहां बुधवार को 50 वर्षीय कलमू मल्ली अपने घर के बाहर काम कर रही थीं, तभी वह आकाशीय बिजली की चपेट में आ गईं और उनकी जान चली गई. तूफान का असर इस इलाके में इतना तेज था कि उसूर के थाना पारा में कम से कम पांच घरों की छतें उड़ गईं, जिसके बाद प्रभावित परिवारों को तिरपाल के नीचे शरण लेनी पड़ी.

एक अन्य दुखद घटना मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के भरतपुर ब्लॉक स्थित चरखार गांव में हुई. यहां एक बांध निर्माण स्थल पर काम चल रहा था, तभी शाम के वक्त अचानक मौसम बिगड़ गया. खुले आसमान के नीचे काम कर रही महिला मजदूरों पर बिजली गिरने से 1 मजदूर महिला की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गईं. बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त वहां करीब 58 मजदूर मौजूद थे.
इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने छत्तीसगढ़ में गुरुवार तक के लिए तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है.

प्रशासन और मौसम विभाग ने नागरिकों, विशेषकर खुले खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास शरण न लें और सुरक्षित स्थानों पर रहें.