मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती में ऐतिहासिक बदलाव… अब किन्नर भी बन सकेंगे आरक्षक और सब इंस्पेक्टर
मध्यप्रदेश सरकार ने पुलिस भर्ती को लेकर ऐसा फैसला लिया है, जिसकी लंबे समय से मांग उठ रही थी। अब प्रदेश में आरक्षक और सब इंस्पेक्टर की भर्ती में किन्नर यानी ट्रांसजेंडर उम्मीदवार भी शामिल हो सकेंगे। सरकार ने इसके लिए नियमों में संशोधन कर अधिसूचना जारी कर दी है, जो 30 दिसंबर 2025 से प्रभावशील भी हो गई है। इससे पहले किन्नर समुदाय के लिए भर्ती प्रक्रिया में स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी, लेकिन अब उन्हें भी समान अवसर मिलने जा रहे हैं। गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, मध्यप्रदेश पुलिस कार्यपालिक (अराजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 1997 में जरूरी बदलाव किए गए हैं। इसमें ऐसे सभी उम्मीदवारों को शामिल किया गया है, जो जन्म के समय तय लिंग से अलग पहचान रखते हैं या जिन्होंने लिंग परिवर्तन से जुड़ी कोई चिकित्सकीय प्रक्रिया कराई है। अब ऐसे उम्मीदवारों को ट्रांसजेंडर कैटेगरी में पहचान दी जाएगी और वे आरक्षक और सब इंस्पेक्टर की भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे।
भर्ती प्रक्रिया के दौरान शारीरिक मापदंड और शारीरिक दक्षता परीक्षा को लेकर भी नियमों में बदलाव किया गया है। अधिसूचना में साफ किया गया है कि ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों के शारीरिक मापदंड और योग्यता का निर्धारण उनके पहचान प्रमाण-पत्रों के आधार पर किया जाएगा। मतलब यह कि अब महिला किन्नर और पुरुष किन्नर के लिए अलग-अलग मापदंड लागू होंगे और उसी आधार पर उनका चयन और ट्रेनिंग कराई जाएगी। हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पात्रता, शारीरिक मानक और चयन प्रक्रिया पहले से लागू विभागीय दिशा-निर्देशों के मुताबिक ही रहेगी।
इस फैसले का सबसे अहम पहलू यह है कि अब किन्नर महिला है या पुरुष, इसका सर्टिफिकेट मेडिकल बोर्ड सीधे जारी नहीं करेगा। इसके बजाय:
कलेक्टर मेडिकल बोर्ड से प्रमाण लेंगे
इसके बाद कलेक्टर स्वयं उम्मीदवार को महिला किन्नर या पुरुष किन्नर का पहचान प्रमाण-पत्र जारी करेंगे
उसी सर्टिफिकेट के आधार पर भर्ती के दौरान उम्मीदवार को महिला या पुरुष ट्रांसजेंडर के रूप में गिना जाएगा
इससे पहले पहचान को लेकर जो असमंजस रहता था, वह अब काफी हद तक खत्म हो जाएगा।
सरकार ने किन्नर उम्मीदवारों को एक और बड़ी राहत दी है। पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के 17 अप्रैल 2023 के आदेश के अनुसार, उभयलिंगी (किन्नर) व्यक्तियों को ओबीसी कैटेगरी में शामिल किया गया है। इसका सीधा फायदा यह होगा कि पुलिस भर्ती में शामिल होने वाले ट्रांसजेंडर उम्मीदवार अब ओबीसी वर्ग के तहत मिलने वाली उम्र सीमा, आरक्षण और अन्य सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे।
