चीन के इस ‘सुपर डैड’ ने 300 अनाथ बच्चों को बनाया अफसर और खिलाड़ी, कहानी ऐसी कि आंखें भर आएंगी

चीन के लियाओनिंग प्रांत में रहने वाले 52 साल के बाई जियान पेशे से तो पीटी (PT) टीचर हैं, लेकिन इलाके के बच्चे उन्हें ‘सुपर डैड’ पुकारते हैं. उन्होंने पिछले 30 सालों में उन बच्चों की उंगली थामी, जिन्हें अपनों ने ही अकेला छोड़ दिया था. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक, बाई जियान ने अब तक करीब 276 बच्चों को गोद लेकर उनका घर बसाया है. उनके किराए के घर ‘ड्रीम होम’ में एक साथ 20 से 30 बच्चे रहते हैं, जहां प्यार और अनुशासन की जुगलबंदी चलती है. यह सिलसिला 1995 में शुरू हुआ…जब बाई ने एक भूखे स्टूडेंट की मदद की और उस बच्चे ने उन्हें ‘पापा’ कह दिया. बस, फिर क्या था…बाई ने इसे ही अपनी जिंदगी का मकसद बना लिया.

बाई जियान खुद गरीबी से तपकर निकले हैं, इसलिए वो जानते हैं कि खेल ही वो रास्ता है, जो किसी भी गरीब बच्चे की किस्मत चमका सकता है. उनके घर में नियम बड़े कड़क हैं. चाहे कड़ाके की ठंड हो या बारिश, सुबह 4:30 बजे अलार्म बजते ही बच्चे मैदान पर होते हैं. हर बच्चा रोज 12 किलोमीटर दौड़ता है. बाई का मानना है कि खेल के मैदान पर कोई सिफारिश नहीं चलती, वहां सिर्फ आपकी मेहनत और दम ही बोलता है.

उनके इस ‘देसी’ और सख्त अंदाज का नतीजा भी जबरदस्त रहा. उनके पाले हुए बच्चों ने अब तक 1300 से ज्यादा मेडल जीते हैं. कोई चीन की फौज में अफसर है, तो कोई टॉप यूनिवर्सिटी का प्रोफेसर. 50 बच्चे तो नेशनल लेवल के एथलीट बन चुके हैं. खर्चे पूरे करने के लिए बाई ने कर्ज लिया, एक्स्ट्रा काम किए और अपनी बहनों की मदद ली. वो बच्चों को सिर्फ दौड़ना नहीं सिखाते, बल्कि उन्हें नफरत से दूर रहना भी सिखाते हैं. वो कहते हैं कि अपने उन मां-बाप से नफरत मत करो, जिन्होंने तुम्हें छोड़ा, क्योंकि नफरत की आग पहले खुद को ही जलाती है.