15 दिनों तक चौक-चौराहों पर खड़े होने और 15 हजार जुर्माना, शराबी बाइक चालक को कोर्ट ने दी अनोखी सजा
छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले से सड़क सुरक्षा को लेकर एक अनोखा मामला सामने आया है। शराब पीकर बाइक चलाने वाले युवक को अदालत ने सिर्फ जुर्माना नहीं, बल्कि समाज के लिए संदेश देने वाली अनूठी सजा सुनाई है। कोर्ट ने युवक पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के साथ 15 दिनों तक सामुदायिक सेवा करने का आदेश दिया है। अब आरोपी शहर के चौक-चौराहों पर लोगों को शराब पीकर वाहन न चलाने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करेगा। अदालत के आदेश के अनुसार आरोपी युवक को अब शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर खड़े होकर लोगों को शराब पीकर वाहन न चलाने के लिए जागरूक करना होगा। उसे ट्रैफिक नियमों के पालन और सड़क सुरक्षा का संदेश देना होगा, ताकि लोग सड़क पर जिम्मेदारी से वाहन चलाएं और हादसों से बचें। कोर्ट के इस फैसले को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की नई पहल माना जा रहा है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आरोपी युवक पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। साथ ही 15 दिनों तक सामुदायिक सेवा करने का आदेश दिया गया है। यानी अब आरोपी को अपनी गलती का एहसास सिर्फ आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाकर भी करना होगा। जानकारी के मुताबिक, यह पहली बार नहीं है जब युवक शराब पीकर वाहन चलाते हुए पकड़ा गया हो। इससे पहले भी उस पर इसी तरह के मामले में 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। बावजूद इसके उसने अपनी गलती नहीं सुधारी, जिसके बाद कोर्ट ने इस बार सख्त और अलग सजा सुनाई।
जांजगीर जिले में शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों में आमतौर पर सिर्फ जुर्माना या कानूनी कार्रवाई होती रही है, लेकिन पहली बार कोर्ट ने सामुदायिक सेवा को सजा का हिस्सा बनाकर नया उदाहरण पेश किया है। यह फैसला सिर्फ आरोपी के लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए भी एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।
लोगों का मानना है कि ऐसी सजा से न सिर्फ आरोपी को अपनी गलती का एहसास होगा, बल्कि समाज में भी सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों को लेकर जागरूकता बढ़ेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ऐसे फैसले लगातार सामने आते रहे, तो सड़क हादसों में कमी लाने में मदद मिल सकती है।
