समु्द्र की गहराई में किसने बनाए ये गोल घेरे? कैमरे में कैद हुई सबसे बड़ी पहेली
स्कॉटलैंड के पास समुद्र में कुछ अजीबोगरीब घेरे देखे गए हैं. माना जा रहा है कि ये घेरे समुद्र के अंदर उगने वाली घास से बने हैं. लेकिन सबसे बड़ी पहेली यह है कि ये बिल्कुल गोल आकार में कैसे बने यह कोई नहीं जानता. पीछले 100 सालों से समुद्र के अंदर की यह घास धीरे-धीरे खत्म हो रही है. प्रदूषण, बीमारियां और मौसम में बदलाव इसकी मुख्य वजह हो सकती है. यह घास समुद्री जीवों का घर होती है और समुद्र के किनारों की लहरों से बचाने में मदद करती है.
एक समय था जब स्कॉटलैंड में यह घास इतनी ज्यादा होती थी कि लोग इसका इस्तेमाल अपने घरों की छतें बनाने और खेतों में खाद की तरह करते थे. 1930 के दशक में एक खतरनाक बीमारी फैली जिसने समुद्री घास के विशाल मैदानों को खत्म कर दिया. इसे वैज्ञानिकों ने वेस्टिंग डिजीज नाम दिया. बीमारी के अलावा समुद्र में बढ़ते प्रदूषण और बहुत ज्यादा मछली पकड़ने की वजह से भी यह घास दोबारा नहीं पनप पाई.
यह घास समुद्र की मिट्टी को एक जगह जमाए रखती है और लहरों की ताकत को कम करती है जिससे किनारे सुरक्षित रहते हैं. मछलियों और अन्य जीवों के लिए यह घास किसी होटल की तरह है जहां उन्हें खाना और रहने के लिए सुरक्षित जगह मिलती है. यह घास हवा से गंदी गैसों को सोख लेती है और उसे समुद्र की मिट्टी में दबा देती है जीससे दुनिया का तापमान कम रखने में मदद मिलती है.
स्कॉटलैंड की सरकार ने अब इस घास को खास दर्जा दिया है. इसका मतलब है कि अब इसे बचाने के लिए कड़े कानून बनाए गए हैं. समुद्र के नीचे जाल बिछाकर मछली पकड़ने पर पाबंदी लगा दी गई है क्योंकि इससे घास को नुकसान पहुंचता था और अब घास को बढ़ने का मौका मिल रहा है. पानी साफ होने और ड्रेजिंग रुकने की वजह से कुछ जगहों पर यह घास फिर उग रही है.
पहले लोग इन घेरों के बारे में सिर्फ कहानियों में सुना करते थे लेकिन अब पहली बार ये कैमरे में कैद हुए हैं. ये घेरे समुद्र के अंदर घास के फैलने से बने हैं. ये देखने में बिल्कुल किसी जादू की तरह लगते हैं लेकिन वैज्ञानिक अभी भी पूरी तरह नहीं समझ पाए हैं कि ये बिल्कुल गोल आकार में ही क्यों बनते हैं.
