‘सर तन से जुदा’ गाने पर डांस, स्क्रीन पर पाकिस्तानी की तस्वीर… महाराष्ट्र के स्कूल का वीडियो वायरल, 4 लोगों पर FIR
महाराष्ट्र के जालना जिले में एक स्कूल के वार्षिक समारोह का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. वीडियो में कुछ छात्र मंच पर प्रस्तुति देते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो वायरल होने के बाद विवाद शुरू हुआ, शिकायतें हुईं और अब पुलिस ने स्कूल प्रबंधन से जुड़े तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. मामला परतूर इलाके के एक प्राइवेट स्कूल से जुड़ा है. पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है. दरअसल, ये पूरा मामला जालना जिले के परतूर शहर में स्थित एक प्राइवेट स्कूल का है. स्कूल में 22 फरवरी 2025 को वार्षिक समारोह हुआ था, जिसका वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. इस वायरल वीडियो में कुछ छात्र हाथों में नकली तलवारें लेकर एक गीत पर डांस परफॉर्म करते दिखाई दे रहे हैं.
आरोप है कि इस गीत में बार-बार ‘सर तन से जुदा’ जैसे शब्द सुनाई दे रहे हैं. इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बवाल मच गया और शिकायत की गई. इसी के साथ मामले में कार्रवाई की मांग उठी थी. पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज की है, उसके अनुसार, जांच में सामने आया कि वीडियो स्कूल के अध्यक्ष और मुख्य अध्यापक द्वारा तैयार किया गया था. वहीं कार्यक्रम में बजाया गया गीत शिक्षक ने चुना था और डांस प्रैक्टिस भी कराई जाएगी.
शिकायत में यह भी कहा गया है कि कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शित वीडियो में पाकिस्तान के कट्टरपंथी मुमताज कादरी की तस्वीर भी दिखाई गई थी. इसके अलावा कार्यक्रम की एंकरिंग कर रही महिला द्वारा भी मंच से विवादित नारे दोहराए जाने का आरोप लगाया गया है. एफआईआर में कहा गया है कि कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को हिंसात्मक संदेश दिया गया. इसी के साथ वहां मौजूद लोगों के मन में ऐसी विचारधारा को बढ़ावा देने की कोशिश की गई. इसी आधार पर परतूर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस जांच कर रही है.
भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री बबनराव लोणीकर ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सख्त कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने स्कूल शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे, जालना जिला प्रशासन और संभाजीनगर विभागीय आयुक्त को पत्र लिखकर मामले की जांच की मांग की थी. लोणीकर ने पत्र में कहा था कि शैक्षणिक संस्थाएं बच्चों में राष्ट्रभक्ति, संवैधानिक मूल्य और सामाजिक समरसता विकसित करने का माध्यम होती हैं, ऐसे में अगर किसी स्कूल के कार्यक्रम में हिंसा को महिमामंडित करने वाले गीत, तलवारों का प्रदर्शन या विवादित व्यक्तियों की तस्वीरें दिखाई जाती हैं, तो यह बेहद गंभीर विषय है.
उन्होंने मांग की थी कि इस मामले में जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कारवाई की जाए. आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और स्कूल की मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाए. साथ ही राज्य सरकार सभी शैक्षणिक संस्थाओं के लिए ऐसे मामलों को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी करे.
