117 मुस्लिम मतदाताओं के नाम काटने पर बवाल, मृत और गायब बताकर फॉर्म–7 भरे

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 117 मुस्लिम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए फॉर्म-7 जमा किए गए हैं। इन मतदाताओं को मृत या गायब बताकर नाम काटने की प्रक्रिया शुरू की गई है।बताया जा रहा है कि ये फॉर्म ‘प्राण’ नामक व्यक्ति ने जमा किए हैं। मामला सामने आते ही राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। कांग्रेस ने इसे भाजपा की साजिश बताते हुए बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी के नेतृत्व में प्रभावित मतदाताओं ने कलेक्टर से मुलाकात कर मामले की जांच की मांग की है।

दरअसल, यह मामला बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के चांटीडीह इलाके से जुड़ा है। यहां बूथ नंबर 191, 192 और 193 वार्ड नंबर 55-56 में आते हैं। यह क्षेत्र मुस्लिम बहुल माना जाता है। बूथ नंबर 191 के 10, बूथ नंबर 192 के 15 और बूथ नंबर 193 के 92 मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 जमा किए गए थे। फॉर्म-7 जमा होने के बाद बीएलओ ने मौके पर जाकर जांच की। जांच में सामने आया कि सभी मतदाता अपने पते पर मौजूद हैं और कोई भी मृत नहीं है। बीएलओ ने मौके पर मतदाताओं की फोटो ली, दस्तावेज दोबारा लिए और रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दी। बाद में इस गड़बड़ी की जानकारी कांग्रेस के बीएलए और नेताओं को मिली, जिसके बाद मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया। कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाते हुए भाजपा सरकार पर साजिश का आरोप लगाया।

पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि एसआईआर के तहत दस्तावेज जांच के बाद प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी। 23 जनवरी तक नाम जोड़ने, हटाने और स्थानांतरण के लिए आवेदन लिए गए थे। तीन बूथों में अचानक 117 फॉर्म-7 आवेदन आने का खुलासा हुआ। शिकायत में कहा गया कि ये मतदाता यहां रहते नहीं हैं। जांच में यह शिकायत गलत निकली। सभी मतदाता अपने पते पर मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि ये सभी मतदाता मुस्लिम समुदाय से हैं और कांग्रेस समर्थित बताए जा रहे हैं।

विजय केशरवानी इन मतदाताओं को लेकर कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी संजय अग्रवाल से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि जिले के कई क्षेत्रों से शिकायतें मिल रही हैं कि भाजपा कार्यकर्ता अल्पसंख्यक और कांग्रेस समर्थित मतदाताओं के नाम कटवाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ जगह बीएलओ फॉर्म लेने से इनकार कर रहे हैं, लेकिन उन पर दबाव बनाया जा रहा है। बीएलओ को दबाव में काम करने को मजबूर किया जा रहा है। उन्हें कहा जा रहा है कि फॉर्म ऊपर से आया है और नहीं लेने पर कार्रवाई होगी। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब एसआईआर में पहले ही भौतिक सत्यापन हो चुका है और मतदाता सही पाए गए हैं, तो फॉर्म-7 जमा करने की जरूरत क्यों पड़ी। एसआईआर अपने उद्देश्य से भटक गया है और इसका इस्तेमाल कांग्रेस समर्थित मतदाताओं, अल्पसंख्यकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के नाम काटने के लिए किया जा रहा है।

विजय केशरवानी का कहना है कि फॉर्म-7 किसी प्राण नाम के व्यक्ति ने जमा किया है। उन्होंने आशंका जताई कि यह नाम फर्जी हो सकता है।

 

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