एप से जनरल-टिकट की बुकिंग पर मिलेगी 3% छूट, R-वैलेट में पैसे होने की अनिवार्यता खत्म

भारतीय रेल ने अपने करोड़ों यात्रियों के सफर को सुहाना और जेब के अनुकूल बनाने के लिए एक शानदार डिजिटल सौगात पेश की है। अब जनरल टिकट की लंबी लाइनों में खड़े होने की झंझट तो खत्म होगी ही, साथ ही आपकी टिकट पर पैसे भी बचेंगे। रेलवे ने अपने एकीकृत प्लेटफॉर्म ‘रेलवन’ (RailOne) ऐप के जरिए टिकट बुक करने वाले यात्रियों के लिए 3% की सीधी छूट का ऐलान किया है। यानी 100 रुपये वाले ट‍िकट के लि‍ए अब यात्री को 97 रुपये का भुगतान करना होगा।

डिजिटल पेमेंट पर बचत की नई शुरुआत

रेलवे मंत्रालय ने कैशलेस ट्रांजेक्शन और डिजिटल इंडिया मुहिम को रफ्तार देने के लिए यह कदम उठाया है।

कब से लागू: यह ऑफर 14 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा।

अवधि: फिलहाल यह स्कीम 6 महीने (14 जुलाई 2026 तक) के लिए शुरू की गई है।

मई 2026 में ‘सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम’ (CRIS) इसकी सफलता की समीक्षा करेगा, जिसके आधार पर इसे आगे बढ़ाने का निर्णय लिया जाएगा।

पहले रेलवे केवल R-Wallet से भुगतान पर कैशबैक देता था, लेकिन अब इस दायरे को काफी बड़ा कर दिया गया है: अब आप UPI, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग में से किसी भी माध्यम से भुगतान कर सकते हैं और तुरंत 3% की छूट पा सकते हैं। अच्छी खबर यह है कि R-Wallet पर मिलने वाला पुराना 3% कैशबैक भी बरकरार रहेगा, जिससे यात्रियों के पास बचत के अधिक विकल्प होंगे। यह लाभ केवल आधिकारिक RailOne ऐप पर मिलेगा। किसी अन्य वेबसाइट या थर्ड-पार्टी ऐप से बुकिंग करने पर यह डिस्काउंट मान्य नहीं होगा।

RailOne: एक ऐप, अनेक सुविधाएं

रेलवे ने यात्रियों की सहूलियत के लिए अलग-अलग ऐप्स की जगह अब ‘RailOneको एक ‘All-In-One’ प्लेटफॉर्म बना दिया है। इसमें आपको ये फीचर्स मिलते हैं:-

-जनरल (unreserved) और रिजर्व्ड टिकट की बुकिंग।

-ट्रेनों की लाइव लोकेशन और PNR स्टेटस की सटीक जानकारी।

-कोच पोजीशन, सफर के दौरान खाना ऑर्डर करना और शिकायतों का त्वरित समाधान।

यह स्कीम उन यात्रियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो रोजाना लोकल या जनरल बोगी में सफर करते हैं। यदि आपकी दैनिक टिकट ₹50 की है, तो हर यात्रा पर ₹1.50 की बचत होगी। महीने भर के सफर में आप ₹50 तक आसानी से बचा सकेंगे। स्टेशन पर काउंटर की भीड़ कम होगी, जिससे समय की बचत होगी और रेल प्रशासन को नकदी प्रबंधन (Cash Handling) में आसानी होगी। भारतीय रेलवे का यह कदम न केवल तकनीकी रूप से देश को सशक्त बनाएगा, बल्कि मध्यम वर्ग के यात्रियों को आर्थिक राहत भी पहुंचाएगा।