रावतपुरा मेडिकल कॉलेज रिश्वत केस…ED को मिले डिजिटल सबूत, मान्यता लेने फर्जी पेशेंट भर्ती किए

ED ने देश भर के मेडिकल कॉलेजों में मान्यता देने के दौरान हुए भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपनी जांच तेज कर दी हैसीबीआई की FIR के आधार पर कार्रवाई करते हुए, ED ने 27 नवंबर को छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली सहित 10 राज्यों के ठिकानों पर व्यापक छापेमारी की है। छत्तीसगढ़ में, नवा रायपुर स्थित श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड रिसर्च (SRIMSR) सहित कई निजी मेडिकल कॉलेजों पर यह कार्रवाई की गई है

पूरा मामला नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) और स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों, बिचौलियों और निजी मेडिकल कॉलेजों के बीच सांठगांठ से जुड़ा है। ED ने यह जांच CBI की AC-III शाखा, नई दिल्ली की दर्ज FIR के आधार पर शुरू की है। CBI ने जुलाई 2025 में इस मामले में देश भर में 40 से अधिक ठिकानों पर छापा मारा था और कई लोगों को गिरफ्तार किया था। रावतपुरा मेडिकल कॉलेज में सीट बढ़ाने के मामले में हवाला के जरिए पैसों का लेन-देन होने का आरोप है यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) से संबंधित है, इसलिए इसमें ED की एंट्री हुई है। ED की टीमों ने छापे के दौरान कई अहम इलेक्ट्रॉनिक और वित्तीय साक्ष्य बरामद किए हैं। मोबाइल फोन, डीवीआर (DVR), पैन ड्राइव, हार्ड डिस्क और सर्वर में सुरक्षित डेटा जब्त किया गया है। ED की तकनीकी टीम अब इन डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। कॉलेजों के अकाउंट्स और लेन-देन की जानकारी भी बैंक से मांगी गई है। ED की टीम ने श्री रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर अतुल कुमार तिवारी के घर पर भी पूछताछ की है। अतुल तिवारी को इस मामले में CBI ने पहले गिरफ्तार किया था और वह फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।

CBI की FIR में निजी मेडिकल कॉलेजों द्वारा मान्यता प्राप्त करने के लिए किए गए बड़े पैमाने पर हेरफेर का खुलासा हुआ है। स्वास्थ्य मंत्रालय और NMC से जुड़े कुछ अधिकारी बिचौलियों के माध्यम से निजी मेडिकल कॉलेजों को निरीक्षण की गोपनीय जानकारी पहले ही लीक कर देते थे।

यह जानकारी मिलते ही कॉलेज फर्जी तैयारियां करते थे, जिसमें ‘घोस्ट फैकल्टी’ (Proxy Teachers/फर्जी शिक्षक) दिखाना शामिल था। निरीक्षण टीमों को भ्रमित करने के लिए, अस्पतालों में ‘फिक्टिशस पेशेंट’ (नकली मरीज) भर्ती किए जाते थे ताकि अस्पताल की क्षमता को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा सके। बिचौलिए कॉलेज और NMC/स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के बीच लिंक का काम करते थे और निरीक्षण टीमों को रिश्वत दिलवाने का आरोप है ताकि अनुकूल रिपोर्ट बनाई जा सके। रावतपुरा कॉलेज के मामले में 55 लाख की रिश्वत का आरोप लगा था।

इन मेडिकल कॉलेजों पर ED के छापे

श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड रिसर्च (SRIMSR), रायपुर, छत्तीसगढ़

इंडेक्स मेडिकल कॉलेज, इंदौर, मध्य प्रदेश

गायत्री मेडिकल कॉलेज, विशाखापट्टनम, आंध्र प्रदेश

फादर कोलंबो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस, वारंगल, तेलंगाना

स्वामीनारायण इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड रिसर्च (SIMSR), कालोल, गुजरात

नेशनल कैपिटल रीजन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस, मेरठ, उत्तर प्रदेश

श्यामलाल चंद्रशेखर मेडिकल कॉलेज, खगड़िया, बिहार

इस व्यापक जांच से देश में मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता और नियामक संस्थाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आने वाले दिनों में और भी अधिकारियों और कॉलेजों के नाम सामने आने की संभावना है।

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