TMC तोड़ सकते हैं पार्टी से निकाले गए 2 विधायक, दावा- 50 से ज्यादा विधायकों का समर्थन, रात भर मीटिंग की
तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी कलेश बढ़ गया है। पार्टी से निकाले गए विधायक संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी सोमवार को देर शाम MLA हॉस्टल पहुंचे। जहां दोनों ने TMC के कई विधायकों के साथ मीटिंग की। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ममता बनर्जी के वफादार विधायक इस बैठक में शामिल हुए। इनमें से कई विधायक मालदा-मुर्शिदाबाद क्षेत्र के हैं। TMC के निलंबित नेता रिजू दत्ता ने दावा किया है कि पार्टी के 80 में से 50 से ज्यादा विधायक खुद को असली तृणमूल बताने की तैयारी कर रहे हैं।
असंतुष्ट गुट शोभनदेब चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष बनाने से नाराज है। साहा और बनर्जी ने आरोप लगाया है कि विधानसभा अध्यक्ष को भेजे गए प्रस्ताव में उनके फर्जी साइन थे।
साहा और बनर्जी ने विधानसभा अध्यक्ष को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि नेता प्रतिपक्ष के रूप में शोभनदेब चट्टोपाध्याय के समर्थन में तैयार प्रस्ताव पर उन्होंने साइन नहीं किए। वे फर्जी हैं।
दोनों विधायकों ने दावा किया कि 6 मई की बैठक में ऐसा कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ था। विधानसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप पर कोलकाता के हरे स्ट्रीट थाने में FIR दर्ज की गई।
बाद में जांच CID को सौंप दी गई। CID ने इस मामले में TMC महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को जांच में शामिल होने और प्रस्ताव की ओरिजिनल कॉपी पेश करने के लिए नोटिस भेजा था।
मुख्यमंत्री अधिकारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दोनों विधायकों ने राज्य विधानसभा में फर्जी हस्ताक्षर से जुड़े केस में शिकायतें दर्ज कराई थीं।
यह पता लगते ही TMC ने दोनों विधायकों को जो मैसेज भेजा और उसमें लिखा है कि आपने ऐसे बयान दिए हैं जो पार्टी के लिए नुकसानदायक हैं। इसलिए आपको तुरंत पार्टी से निकाला जाता है।
पार्टी से निकाले जाने के बाद संदीपन साहा ने कहा कि पार्टी में नैतिकता की बात करना ही एंटी-पार्टी गतिविधि माना जाता है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे किसी दूसरी पार्टी में शामिल होंगे, तो उन्होंने कहा- नहीं, ऐसा कुछ नहीं है। मैं इसके बारे में क्यों सोचूंगा।
कांग्रेस नेता उदित राज ने TMC में चल रही उथल-पुथल को लेकर कहा है कि ममता ने जो बोया है वही काट रही हैं। असलियत यह है कि उनके पास विरोध प्रदर्शन करने के लिए लोग ही नहीं हैं। मुझे नहीं लगता TMC आगे जिंदा रह पाएगी। बात बहुत दूर तक जा चुकी है। TMC के कार्यकर्ताओं में बहुत असंतोष है। ममता को अब ‘INDIA’ गठबंधन को मजबूत करने के बारे में सोचना चाहिए।
