गोवा नाइट क्लब में इलेक्ट्रिक पटाखों से लगी आग, बेसमेंट में एक के ऊपर एक पड़े शव… 25 लोगों की गई जान
गोवा के अरपोरा स्थित ‘बिर्च बॉय रोमियो लेन‘ नाइट क्लब में भयंकर अग्निकांड ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। शुरुआत में आग लगने की वजह सिलेंडर ब्लास्ट को माना जा रहा था, लेकिन अब इस आग्निकांड पर कई बड़े खुलासे हुए हैं। शनिवार की रात को नाइट क्लब में लगी आग में 25 लोगों की जान चली गई। इनमें ज्यादातर लोगों की मौत दम घुटने की वजह से हुई। मृतकों में 5 पर्यटक समेत बाकी स्टाफ के सदस्य थे।
गोवा पुलिस ने नाइट क्लब के दोनों मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया गया है। गोवा पुलिस की टीम उन्हें गिरफ्तार करने के लिए दिल्ली रवाना हो गई है। डीजीपी आलोक कुमार के अनुसार, पुलिस ने नाइट क्लब के 4 स्टाफ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें क्लब के चीफ जनरल मैनेजर राजीव मोदक, गेट मैनेजर प्रियांशु ठाकुर, बार मैनेजर राजवीर सिंघानिया और जनरल मैनेजर विवेक सिंह का नाम शामिल है।
शनिवार की रात ‘बिर्च बॉय रोमियो लेन’ में लगभग 150 पर्यटक मौजूद थे। 11:45 बजे इलेक्ट्रिक पटाखों से चिंगारी निकली और सीधा क्लब की छत पर लगी लकड़ी की सीलिंग पर गिरी। पूरे क्लब में लकड़ी की सीलिंग लगी थी, जिसके कारण आग ने पलक झपकते ही विकराल रूप धारण कर लिया। आग लगने के बाद ज्यादातर पर्यटक अपनी जान बचाकर भाग निकले। मगर, क्लब में आने-जाने का रास्ता एक ही था और मुख्य द्वार को भी आग ने अपनी चपेट में ले लिया था। ऐसे में अंदर फंसे लोग जान बचाने के लिए बेसमेंट की तरफ भागे। मगर, बेसमेंट से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था।
बेसमेंट में वेंटीलेशन नहीं था, जिससे आग से उठने वाला धुआं हर तरफ भर गया। ऐसे में दम घुटने के कारण 23 लोगों की मौत हो गई। आग पर काबू पाने के बाद जब पुलिस बेसमेंट में पहुंची, तो वहां का मंजर देखकर हैरान रह गई। सभी लोगों के शव एक के ऊपर एक पड़े थे। वहीं, 2 शव बेसमेंट की सीढ़ियों पर भी पड़े मिले। नाइट क्लब में आग की चपेट में 5 पर्यटक भी आए थे और बाकी स्टाफ के सदस्य थे। क्लब के कर्मचारियों में असम, बंगाल, झारखंड, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल के लोग शामिल थे, जिनकी इस हादसे में मौत हो गई। गोवा सरकार के अनुसार, क्लब में आग से बचने का कोई भी प्रबंधन नहीं किया गया था। यह क्लब खुद को ‘आइलैंड क्लब‘ के नाम से प्रमोट करता था, जहां तक पहुंचने का रास्ता काफी संकरा था। ऐसे में आग लगने के बाद दमकल की गाड़ियां भी 400 मीटर से पहले रुक गईं और समय पर आग न बुझने के कारण कई लोगों की जान चली गई।
गोवा में यह पहला हादसा है, जिसने पूरी राज्य सरकार को हिलाकर रख दिया है। रविवार की सुबह सीएम प्रमोद सावंत ने क्लब का दौरा करते हुए जांच के आदेश दिए थे। सीएम ने साफ चेतावनी दी है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गोवा नाइट क्लब में हुए हादसे पर शोक व्यक्त किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम राहत कोष से सभी मृतकों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है।
