इकलौती मछली, समुद्र की गहराई में है ‘चलती’, होंठों पर लगाती है लाली-लिपिस्टिक!
समुद्र की गहराइयों में छिपी अनगिनत रहस्यमयी जीवों में से एक है रेड-लिप्ड बैटफिश. यह मछली ना सिर्फ देखने में बेहद अजीब है बल्कि अपनी आदतों के कारण भी पूरी तरह यूनिक है. जहां बाकी मछलियां तैरती हैं, वहीं यह मछली समुद्र के फर्श पर ‘चलती’ है. सबसे मजेदार बात— इसके होंठ इतने चटक लाल हैं कि देखकर लगता है मानो उसने लिपस्टिक लगा रखी हो.
रेड-लिप्ड बैटफिश (Ogcocephalus darwini) का नाम बैटफिश इसलिए पड़ा क्योंकि इसका सिर चमगादड़ (bat) की तरह चौड़ा और सपाट होता है. यह मुख्य रूप से गालापागोस द्वीपों के आसपास और पूर्वी प्रशांत महासागर में पाई जाती है. यह 20 से 40 मीटर की गहराई में रहती है, हालांकि कभी-कभी 100 मीटर तक भी नीचे उतर जाती है. इसकी सबसे बड़ी खासियत है चलना. इसके पेक्टोरल और पेल्विक फिन्स पैरों की तरह मजबूत है. इनकी मदद से वह समुद्र के तल पर चलती-फिरती है. तैरने की बजाय चलना इसे ऊर्जा बचाने में मदद करता है.
वैज्ञानिकों के अनुसार इसके चमकदार लाल होंठ संभवतः प्रजनन (mating) और संचार के लिए हैं. गहरे पानी में जहां रोशनी कम होती है, वहां चटक रंग साथी को आकर्षित करने में मदद करते हैं. ये लाल होंठ इसे बेहद आकर्षक और फोटोजेनिक भी बनाते हैं, जिसकी वजह से सोशल मीडिया पर यह वायरल हो रही है. रेड-लिप्ड बैटफिश के सिर पर एक छोटा सा अंग होता है जिसे इलिसियम (illicium) कहते हैं. इसके सिरे पर चारा (lure) लगा होता है. यह मछली इस चारे को हिलाकर छोटी मछलियों, क्रस्टेशियंस और अन्य जीवों को लुभाती है. जब शिकार पास आता है तो बैटफिश अपना मुंह खोलकर उसे झपट लेती है. प्रकृति ने इसे वाकई फिशिंग रॉड दे रखी है
