अयोध्या में मछली भोज विवाद: मंत्री संजय निषाद बोले- हम पूरे साल खाते हैं मछली
अयोध्या में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के आगमन के दौरान हुए कथित मछली भोज को लेकर सियासत गरमा गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे कांग्रेस का दोहरा चरित्र बताते हुए सावन में मछली भोज पर सवाल उठाए. वहीं निषाद पार्टी प्रमुख और मंत्री संजय निषाद ने कहा कि मछली निषाद समाज का पारंपरिक भोजन है और वे सावन में भी मछली खाते हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा को मछली से नहीं, अजय राय के मछली खाने से आपत्ति है. अजय राय ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे राम मंदिर और हनुमानगढ़ी दर्शन के बाद लौट गए थे. उन्होंने चुनौती दी कि उनका कोई फोटो-वीडियो दिखाया जाए तो वे इस्तीफा दे देंगे.
अयोध्या में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के आगमन पर कथित मछली भोज के आयोजन पर शुरू हुई राजनीति में सरकार के मंत्री और निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद ने अपनी बात रखी है. एक तरफ सीएम योगी आदित्यनाथ आरोप लगा रहे हैं कि कांग्रेस का यही चरित्र है कि वह सावन के महीने में भी अयोध्या जी में आकर मछली का भोज उड़ा रहे हैं. वहीं उनके मंत्री संजय निषाद ने कहा है कि वह सावन में भी मछली खाते हैं. कुछ दिनों पहले संजय निषाद ने यह भी कहा था कि मछली शाकाहारी है.
संजय निषाद से पूछा गया कि मछली भोज पर इतनी बातें हो रही है. इसपर उन्होंने ये बातें इसलिए हो रही हैं क्योंकि राज्य का 18 फीसदी निषाद अब बाहर आ गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, सपा और बसपा ने निषाद समाज को धोखा दिया है. अब बीजेपी क्या कर रही है उसपर भी निषाद समाज की नजर है. ये सब लोग मछली खिलाकर निषादों को जाल में फंसाना चाहते हैं. मछली तो निषादों का परंपरागत भोजन है. निषाद तो हमेशा मछली खाएगा ही.
इसपर उनसे पूछा गया कि कि फिर भाजपा मछली खाने पर क्यों सवाल उठा रही है. तब संजय निषाद ने कहा- ‘नहीं भाजपा ये नहीं कह रही निषाद क्यों मछली खाए. भाजपा ये कह रही अजय राय क्यों मछली खिलाए और खाए. कांग्रेस से दिक्कत है, मछली से दिक्कत नहीं है. भाजपा कह रही है कि राम मंदिर में भी आ रहे हैं और हनुमान चालीसा भी पढ़ रहे हैं. फिर मछली भोज में भी जा रहे हैं.’
संजय निषाद ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कांग्रेसी बेईमान होते ही हैं. ये हमें सड़ा अनाज देते थे और आधी कीमत वसूलते थे. पहले अंग्रेजों ने हमारा शोषण किया फिर कांग्रेसियों ने. हमारे पास खाने के लिए कुछ बचा ही नहीं है तो हम तो पूरे साल मछली ही खाते हैं. आज हमारी सरकार है. अनाज दे रही है तो हमारे लोग जिंदा हैं. मछली नहीं खाएंगे तो जिंदा कैसे रहेंगे? उन्होंने कहा कि सावन में मछली खाने से इसलिए मना किया जाता है क्योंकि यह महीना मछलियों के ब्रिडिंग का समय होता है.
उधर, सोमवार को कांग्रेस के गढ़ रायबरेली पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा- ‘जब हम एक होकर लड़ाई बढ़ाएंगे तो देश की स्वाधीनता बनी रहेगी, अन्यथा कल देखा होगा कांग्रेस के लोग विरासत का अपमान ही नहीं करते है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष का आचरण देखा होगा, अयोध्या में हनुमान गढ़ी के दर्शन करने जाते हैं और फिर मछली भोज की दावत उड़ाते है. ये राम राम चिल्लाते है बेशर्मी की भी सीमा होती है. किसने कहा था हनुमानगढ़ी जाने के लिए और मछली खानी थी तो अयोध्या के बाहर जाकर खा लेते.’
योगी ने आगे कहा- ‘ये है कांग्रेस का दोहरा आचरण, गिरगिट भी शरमा जाता होगा इन्हें देखकर की मनुष्य के रूप में ये कौन सी प्रजाति आ गई है. वहां वो राम राम चिल्ला रहे है, बजरंग बली के मंदिर में दंडवत होने का ढोंग कर रहे और बाहर जाकर मछली की दावत उड़ा रहे हैं.’ ये है कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष है, इनका पुराना इतिहास है, इनके भाई की हत्या एक माफिया ने की थी और ये व्यक्ति उस माफिया के खिलाफ बयान देने नहीं गया, बल्कि उसके सामने घुटने टेक नतमस्तक हो गया. ये व्यक्ति उस दुर्दांत माफिया के सामने अपने भाई के हत्यारे के सामने घुटने टेक चुका था.’
