चीन की राजधानी बीजिंग में बाढ़… 95 हजार से ज्यादा लोग घर छोड़ने को मजबूर

चीन की राजधानी बीजिंग इस समय भीषण प्राकृतिक आपदा का सामना कर रही है। शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश ने शहर के कई हिस्सों में जनजीवन को पूरी तरह से ठप कर दिया है। बीजिंग नगर बाढ़ नियंत्रण कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक पूरे शहर में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है। सबसे खराब स्थिति शहर के बाहरी इलाके पिंगगू जिले में देखी गई, जहां एक स्थानीय बाजार क्षेत्र में 164 मिमी तक पानी बरस गया, जिससे चारों ओर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई।

प्रशासन ने भारी बारिश और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार शाम तक 36,279 परिवारों के कुल 95,657 लोगों को उनके घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना किसी आपातकालीन कार्य के अपने घरों से बाहर न निकलें और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें।

फिलहाल राहत की बात यह है कि शहर के सभी बड़े और मध्यम आकार के जलाशय अपनी अधिकतम जल-सीमा से नीचे बने हुए हैं। हालांकि, खतरा अभी टला नहीं है।

मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि शुक्रवार की रात और शनिवार को भी कई इलाकों में मध्यम से लेकर मूसलाधार बारिश जारी रह सकती है। प्रशासन ने अपनी आपातकालीन टीमों को अलर्ट पर रखा है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

चीन के लिए चिंता केवल बीजिंग की बारिश तक सीमित नहीं है। जल संसाधन मंत्रालय के अनुसार, टाइफून मायसक और टाइफून बावी के कारण देश की कई प्रमुख नदियों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।

टाइफून ‘मायसक’ की वजह से दक्षिणी चीन के गुआंग्शी झुआंग ऑटोनॉमस रीजन में पहले ही भीषण बारिश हो चुकी है, जिससे पर्ल नदी क्षेत्र के कई हिस्सों में गंभीर बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गुआंग्शी और पड़ोसी ग्वांगडोंग प्रांत में ‘रेड अलर्ट’ जारी कर दिया गया है।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि सुपर टाइफून ‘बावी’ चीन के पूर्वी तट की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से आने वाले एक सप्ताह के भीतर देश के छह प्रमुख नदी क्षेत्रों में भारी तबाही और बाढ़ आने की आशंका है। जल संसाधन मंत्रालय ने संबंधित विभागों को जलाशयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, पहाड़ी इलाकों में अचानक आने वाली बाढ़ की निगरानी करने और जल परियोजनाओं की नियमित जांच करने के सख्त निर्देश दिए हैं।