बारिश के बीच दिल्ली के रोहिणी में चार मंजिला बिल्डिंग गिरी, एक की मौत

दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 के जी ब्लॉक में बुधवार शाम एक निर्माणाधीन इमारत अचानक भरभराकर गिर गई. हादसे की सूचना शाम करीब 4:28 बजे पीसीआर कॉल के जरिए पुलिस को मिली. सूचना मिलते ही डीसीपी रोहिणी समेत दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और अन्य राहत एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंच गईं और बचाव अभियान शुरू कर दिया. रेस्क्यू अभियान के दौरान मलबे से 42 वर्षीय राम किशोर को बाहर निकाला गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. वहीं 35 वर्षीय मजदूर रवि को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. अधिकारियों के मुताबिक, इमारत के मालिक राम दुआ समेत 4 से 5 मजदूरों के अभी भी मलबे में फंसे होने की आशंका है. उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए युद्धस्तर पर राहत और बचाव अभियान जारी है. मौके पर दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, एनडीआरएफ, एमसीडी, टाटा पावर और एंबुलेंस सेवाओं की टीमें संयुक्त रूप से बचाव कार्य में जुटी हैं. भारी मलबा हटाने के लिए निजी जेसीबी मशीनों और दो हाइड्रा क्रेनों की भी मदद ली जा रही है.

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान टीमों ने मलबे में फंसे एक व्यक्ति से संपर्क स्थापित किया. सबसे पहले उसे पानी पहुंचाया गया. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने पास के अस्पताल से ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाकर मलबे में फंसे व्यक्ति तक ऑक्सीजन पहुंचाई, जिससे उसकी जान बचाने की कोशिश की गई. रात के समय भी बचाव कार्य बिना किसी बाधा के जारी रहे, इसके लिए पुलिस ने मौके पर जनरेटर और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी कराई है. इमारत गिरने के कारणों का पता लगाया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि मलबे में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित निकालना पहली प्राथमिकता है. राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है

दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारियों के मुताबिक, घटना की सूचना बुधवार शाम करीब 4:20 बजे मिली. बताया गया कि हादसा रोहिणी सेक्टर-16 में एमसीडी स्कूल के पास हुआ, जहां अचानक एक मकान भरभराकर गिर गया. सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चार रेस्क्यू टीमों को मौके पर रवाना किया. बचावकर्मी मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं. एहतियात के तौर पर आसपास के इलाके को भी सुरक्षित कराया गया है, ताकि राहत कार्य में कोई बाधा न आए.

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मकान गिरने की वजह क्या थी और मलबे में कितने लोग फंसे हुए हैं, हालांकि लगातार हो रही बारिश को हादसे की संभावित वजहों में माना जा रहा है. प्रशासन ने कहा है कि राहत और बचाव अभियान जारी है. मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है.