CG : शिक्षा विभाग में 5 करोड़ रुपए का फर्नीचर घोटाला उजागर, तत्कालीन DEO पर लगे आरोप
अंबिकापुर : पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा पर लगभग 5 करोड़ रुपए की फर्जी खरीदी करने और आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए एक गंभीर शिकायत दर्ज की गई है। यह शिकायत सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर की गई है। शिकायतकर्ता, परवेज आलम गांधी ने आरोप लगाया कि तत्कालीन डीईओ ने 23 मई 2024 को आदर्श आचार संहिता के दौरान फर्नीचर की खरीदी की और करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार किया। सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी में यह सामने आया कि 23 मई 2024 को 5 करोड़ रुपए से अधिक की फर्नीचर खरीदी की गई, जबकि आदर्श आचार संहिता लागू थी। ऐसी खरीदी कानूनी रूप से प्रतिबंधित थी। यह भी बताया गया कि स्कूलों में यह फर्नीचर सप्लाई नहीं की गई थी। सिर्फ 70-85 लाख रुपए की खरीदी की जानकारी प्रस्तुत की गई थी, जो पूरी तरह से ग़लत साबित हो रही है।
शिकायतकर्ता ने यह भी उल्लेख किया कि विज्ञान प्रायोगिक सामग्री की खरीदी के लिए 39 लाख रुपए से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति मिली थी, लेकिन उस समय भी सामग्री की आपूर्ति नहीं की गई। इसके बजाय, बिना सामग्री प्राप्त किए कूटरचित बिल तैयार कर करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया। नि:शुल्क सरस्वती साइकिल योजना के तहत 23 मई 2024 को 23.5 लाख रुपए से अधिक की 5 हजार 588 साइकिल खरीदी गई थी, जबकि उस समय आदर्श आचार संहिता लागू थी। शासन के आदेश के बावजूद यह खरीदी जैम पोर्टल के माध्यम से नहीं बल्कि सीएसआईडीसी के माध्यम से की गई। इससे यह स्पष्ट होता है कि भ्रष्टाचार और गड़बड़ी के बड़े पैमाने पर संलिप्तता थी।
शिकायतकर्ता परवेज आलम ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अशोक कुमार सिन्हा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। इससे संबंधित दस्तावेज़ जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय अंबिकापुर से आरटीआई से प्राप्त किए गए हैं।
