सांवलिया सेठ की अपार महिमा! 4 महीने में 153 करोड़ रुपये से अधिक का चढ़ावा
उदयपुर: मेवाड़ के प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है. वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती चार महीनों में ही मंदिर में 153 करोड़ 59 लाख 77 हजार 209 रुपये का चढ़ावा आया है. इसके साथ ही बड़ी मात्रा में सोना और चांदी भी भक्तों ने भगवान को अर्पित की है.मंदिर प्रशासन का कहना है कि हर महीने बढ़ रही दान राशि यह साबित कर रही है कि देशभर ही नहीं, विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु सांवलिया सेठ के दरबार में अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंच रहे हैं. मंदिर प्रशासन के अनुसार अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच श्रद्धालुओं ने 4 किलो 273 ग्राम 350 मिलीग्राम सोना और 386 किलो 59 ग्राम 440 मिलीग्राम चांदी भी भगवान को भेंट की.
मंदिर में आने वाले भक्त नकद दान के साथ-साथ सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं भी चढ़ा रहे हैं. इस बार आषाढ़ माह का भंडार सबसे खास रहा. मंदिर के इतिहास में पहली बार आषाढ़ माह में भंडार और ऑनलाइन दान को मिलाकर 38 करोड़ 23 लाख 13 हजार 862 रुपये का चढ़ावा मिला. इसके अलावा 1 किलो 148 ग्राम 500 मिलीग्राम सोना और 103 किलो 497 ग्राम चांदी भी श्रद्धालुओं ने भगवान को अर्पित की. मंदिर प्रशासन ने इसे अब तक का सबसे बड़ा आषाढ़ भंडार बताया है.
श्री सांवलिया सेठ मंदिर मंडल के अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव ने बताया कि लगातार बढ़ रही दान राशि को देखते हुए भंडार गणना की व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा रहा है. गणना हॉल में नई टेबल लगाई जा रही हैं, ताकि कर्मचारी व्यवस्थित तरीके से बैठकर गिनती कर सकें. इसके अलावा पूरे हॉल में सफेद चादर बिछाई जाएगी, जिससे गणना के दौरान किसी तरह की गलती या गड़बड़ी की संभावना नहीं रहे. उन्होंने बताया कि मंदिर में हर महीने लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं.
कई भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने के बाद दान करते हैं, जबकि बड़ी संख्या में व्यापारी भी सांवलिया सेठ को अपना भागीदार मानकर नियमित रूप से चढ़ावा चढ़ाते हैं. यही वजह है कि मंदिर में दान के नए रिकॉर्ड लगातार बन रहे हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार श्री सांवलिया सेठ भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप हैं. देशभर से आने वाले श्रद्धालु उन्हें अपने आराध्य और संकटमोचक के रूप में पूजते हैं.
