गोंडा में आधी रात मालगाड़ी हुई बेपटरी, गेहूं लेकर जाते समय रास्ते में उतरी बोगी
गोंडा रेलवे स्टेशन के पास बुधवार देर रात मालगाड़ी पटरी से उतर गई। दरअसल, गाजियाबाद से बिहार के मोतिहारी गेहूं लेकर जा रही 42 डिब्बों वाली मालगाड़ी के दो डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए। हादसा बड़गांव रेलवे ओवरब्रिज के नीचे रेलवे लाइन नंबर-7 पर हुआ। राहत की बात यह रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और यह लाइन केवल मालगाड़ियों के संचालन के लिए होने के कारण यात्री ट्रेनों की आवाजाही भी प्रभावित नहीं हुई। सूचना मिलते ही रेलवे के इंजीनियरिंग, परिचालन और आरपीएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं और देर रात से ही ट्रैक बहाल करने का अभियान शुरू कर दिया।
हादसा बुधवार देर रात करीब 12 बजे गोंडा रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर बड़गांव रेलवे ओवरब्रिज के नीचे हुआ। गाजियाबाद से गेहूं लेकर मोतिहारी (बिहार) जा रही 42 डिब्बों की मालगाड़ी सामान्य गति से आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान अचानक ट्रेन की 29वीं बोगी पूरी तरह पटरी से उतर गई, जबकि उसके पीछे लगी 30वीं बोगी आंशिक रूप से बेपटरी हो गई। झटका महसूस होते ही लोको पायलट ने तत्काल सूझबूझ दिखाते हुए ट्रेन रोक दी और रेलवे कंट्रोल रूम के साथ गोंडा के अधिकारियों को घटना की सूचना दी। समय रहते ट्रेन रुक जाने से बड़ा हादसा टल गया।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के इंजीनियरिंग, परिचालन और तकनीकी विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। अधिकारियों ने सबसे पहले प्रभावित ट्रैक को सुरक्षित कराया और उसके बाद बेपटरी हुए डिब्बों को दोबारा पटरी पर चढ़ाने का काम शुरू किया। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जीआरपी ने भी मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था संभाली। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक लाइन नंबर-7 केवल मालगाड़ियों के आवागमन के लिए उपयोग होती है, इसलिए इस घटना का यात्री ट्रेनों के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा। रेलवे कर्मचारी देर रात तक ट्रैक को पूरी तरह सामान्य करने में जुटे रहे।
गोंडा जीआरपी प्रभारी ने बताया कि गाजियाबाद से मोतिहारी जा रही मालगाड़ी के 29वें और 30वें डिब्बे पटरी से उतरे हैं। घटना के बाद रेलवे अधिकारियों ने तकनीकी जांच शुरू कर दी है। शुरुआती स्तर पर यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा ट्रैक में किसी तकनीकी खामी, पहियों की खराबी या किसी अन्य कारण से हुआ। रेलवे का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल किसी भी प्रकार के नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है।
गोंडा रेलवे स्टेशन पर यह पहली बार नहीं है जब मालगाड़ी पटरी से उतरी हो। इससे पहले 1 नवंबर 2025 को प्लेटफॉर्म नंबर-2 से गोंडा कचहरी की ओर जा रही पत्थर लदी मालगाड़ी के दो डिब्बे भी बेपटरी हो गए थे। उस समय रेलवे ट्रैक के किनारे पत्थर उतारने के दौरान हादसा हुआ था। मामले की जांच के बाद रेलवे ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की थी। लगातार दूसरी बार हुई इस तरह की घटना ने रेलवे की तकनीकी निगरानी और ट्रैक सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब अधिकारियों की नजर इस बात पर है कि मौजूदा हादसे की वजह क्या रही और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
