बॉक्सिंग में 3 GOLD, रेसलिंग-तीरंदाजी में भी सोना… एश‍ियन गेम्स में आज हुई स्वर्ण वर्षा, कुल पदक 75

निशियो में शुक्रवार का दिन भारतीय बॉक्सिंग के लिए सोने से भी खास रहा. लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), परवीन हुड्डा (65 किग्रा) और अंकुश पंघल (80 किग्रा) ने अपने-अपने फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में लगातार तीन गोल्ड मेडल डाल दिए. तीनों ने अलग-अलग अंदाज में अपने से मजबूत माने जा रहे प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़कर यह उपलब्धि हासिल की. लवलीना और परवीन ने 12 साल का इंतजार खत्म करते हुए एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली भारतीय महिला बॉक्सरों के खास क्लब में जगह बनाई. उनसे पहले दिग्गज एमसी मैरी कॉम ने 2014 इंचियोन एशियन गेम्स में 51 किग्रा फ्लाईवेट वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था.

इसके बाद अंकुश पंघल ने भी इतिहास रच दिया. वह 2018 में अमित पंघल के बाद एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बॉक्सर बन गए. यानी एक ही दिन में भारतीय मुक्केबाजी ने तीन बार तिरंगा सबसे ऊपर पहुंचाया. काकामिगाहारा में भारत और चीन के बीच होने वाले महिला हॉकी फाइनल का आगाज ट्रैफिक जाम के कारण 45 मिनट देर से होगा. दोनों टीमों की बसें स्टेडियम पहुंचने के रास्ते में ट्रैफिक में फंस गईं, जिसके चलते मुकाबले के निर्धारित समय में बदलाव करना पड़ा. अब मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 4:15 बजे शुरू होने की उम्मीद है.

सुजीत कलकल ने 2-9 से पिछड़ने के बाद वर्ल्ड मेडलिस्ट अब्दुलमाजिद कुडियेव को 10-9 से हराकर फ्रीस्टाइल 65 किग्रा वर्ग का फाइनल जीत लिया. इस जीत के साथ सुजीत ने Aichi-Nagoya Asian Games में भारत को कुश्ती का पहला गोल्ड दिलाया.