इतनी भारी बच्चा, उम्र- 5 साल, वजन- 100 किलो, खाने के शौक ने मुसीबत में डाली जान

युगांडा के एक छोटे से गांव में एक ऐसा बच्चा रहता है जिसकी कहानी सुनकर कोई भी हैरान रह जाता है. मात्र 5 साल की उम्र में इस बच्चे का वजन 100 किलो पहुंच चुका है. वह ना सिर्फ अपने देश बल्कि पूरी दुनिया के सबसे भारी बच्चों में शुमार हो गया है. इस बच्चे की दो साल की छोटी बहन का वजन भी 30 किलो है.दोनों भाई-बहन मोटापे की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं और उनका मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. सामान्य तौर पर 5 साल का बच्चा करीब 18-20 किलो वजन का होता है, लेकिन यह बच्चा उससे पांच गुना ज्यादा वजन वाला है. उसकी बहन भी उम्र के हिसाब से दोगुने से ज्यादा भारी है. परिवार के अनुसार बच्चा जन्म से ही थोड़ा भारी था, लेकिन पिछले कुछ सालों में उसका वजन तेजी से बढ़ा है. खाने का अत्यधिक शौक और संभवतः कुछ हार्मोनल समस्या इसकी मुख्य वजह बनी.

परिवार बताता है कि बच्चा दिन भर कुछ ना कुछ खाता रहता है. वह बहुत ज्यादा मात्रा में चावल, मीट, फल और जंक फूड खाता है. उसके माता-पिता ने कई बार डाइट कंट्रोल करने की कोशिश की, लेकिन बच्चा भूखा रहने पर इतना रोता-चिल्लाता है कि उन्हें मजबूरन खाना देना पड़ता है. अब स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि बच्चा चलने-फिरने में भी दिक्कत महसूस करता है. डॉक्टर्स चिंता जता रहे हैं. उन्होंने कहा कि इतने छोटी उम्र में इतना वजन हृदय, लीवर, सांस की नली और जोड़ों पर भारी बोझ डाल रहा है. अगर समय रहते वजन कंट्रोल ना किया गया तो बच्चे की जान खतरे में पड़ सकती है. युगांडा के स्थानीय अस्पतालों में इस मामले की जांच चल रही है. कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ खाने की लत नहीं बल्कि थायरॉइड, पिट्यूटरी ग्लैंड या जेनेटिक समस्या भी हो सकती है.

सोशल मीडिया पर इस बच्चे की तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद दुनिया भर से लोग प्रतिक्रिया दे रहे हैं. कुछ लोग परिवार की मदद के लिए आगे आए हैं, तो कुछ ने मोटापे को लेकर जागरूकता फैलाने की बात कही है. कई यूजर्स ने लिखा, “बच्चों को जंक फूड से दूर रखना जरूरी है.” जबकि कुछ ने परिवार पर लापरवाही का आरोप भी लगाया. यह मामला अफ्रीका में बढ़ते बचपन के मोटापे की समस्या को भी उजागर करता है. युगांडा समेत कई विकासशील देशों में पोषण की कमी के साथ-साथ अब मोटापे की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है. शहरी क्षेत्रों में फास्ट फूड और आलसी लाइफस्टाइल इसकी वजह बन रही है. बच्चे के माता-पिता ने मीडिया को बताया कि वे बहुत परेशान है. उन्होंने डॉक्टर्स की सलाह पर बच्चे की डाइट बदलनी शुरू कर दी है. अब बच्चे को कम कैलोरी वाले भोजन के साथ व्यायाम भी करवाया जा रहा है. लेकिन इतने भारी वजन के कारण व्यायाम करना भी मुश्किल है. कुछ विशेषज्ञ सर्जरी या विशेष मेडिकल ट्रीटमेंट की सलाह दे रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि बचपन का मोटापा आगे चलकर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और जोड़ों की समस्या पैदा कर सकता है. इसलिए जल्द से जल्द हस्तक्षेप जरूरी है.