ये है धरती का ‘नर्क’, 10 मिनट रहना भी मुश्किल, हवा में घुली है जहरीली हवा!

पूरे ब्रह्मांड में पृथ्वी ही एकमात्र जगह है जहां जीवन संभव है, लेकिन इस धरती पर भी कुछ इलाके ऐसे हैं जहां इंसान के लिए रहना लगभग असंभव है. इनमें से एक है इथियोपिया का दल्लोल (Dallol) इलाका, जो दानाकिल डिप्रेशन में स्थित है.सोशल मीडिया पर यह जगह खूब वायरल हो रही है. एक ट्रेवल ब्लॉगर ने जान जोखिम में डालकर यहां की सच्चाई दिखाई तो लोग दंग रह गए. दल्लोल को धरती का ‘नर्क’ कहा जाता है. यहां का तापमान दिन में 50 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाता है. लेकिन गर्मी से भी ज्यादा खतरनाक है यहां की हवा. जमीन के नीचे से हाइड्रोजन, सल्फर, क्लोरीन और अन्य जहरीली गैसें लगातार निकल रही होती हैं. इन गैसों की वजह से हवा में तेज एसिडिक गंध फैली रहती है, जिसकी वजह से सांस लेना बेहद मुश्किल हो जाता है.

अगर यहां की जमीन पर नजर डालें तो ये जगह रंग-बिरंगे खनिजों से भरी हुई है. पीला, हरा, लाल और सफेद रंग का अद्भुत कॉम्बिनेशन दिखता है, लेकिन यह सुंदरता बेहद खतरनाक है. जमीन के नीचे से गैसें फुसफुसाती हुई निकलती हैं और बुलबुले बनाती हैं. पैर रखते ही गर्मी महसूस होती है. सुबह 8 बजे के बाद तापमान इतना बढ़ जाता है कि 10 मिनट भी टिकना मुश्किल हो जाता है. ट्रेवल ब्लॉगर ने बताया कि यहां पहुंचने के लिए बेहद सावधानी बरतनी पड़ती है. गैस मास्क, खास जूते और प्रोटेक्टिव कपड़े जरूरी हैं. फिर भी ज्यादा देर रुकना जानलेवा साबित हो सकता है. कई बार पर्यटक बेहोश होकर गिर जाते हैं. इलाके में कोई स्थायी बस्ती नहीं है. आसपास के लोग भी यहां ज्यादा समय नहीं बिताते. दानाकिल डिप्रेशन पृथ्वी की सबसे निचली जगहों में से एक है. यह 100 मीटर से भी नीचे समुद्र तल से नीचा है. यहां की गर्मी और जहरीली गैसें ज्वालामुखी गतिविधि की वजह से हैं.

वैज्ञानिकों के अनुसार यह जगह दूसरे ग्रह जैसी है. नासा के वैज्ञानिक यहां का अध्ययन करते हैं क्योंकि यह मार्स जैसी परिस्थितियों को दिखाती है. फिर भी कुछ साहसी पर्यटक यहां आते हैं. वे कहते हैं कि दल्लोल का नजारा देखने लायक है लेकिन जान बचाकर. यहां का लैंडस्केप दूसरे ग्रह जैसा लगता है– रंगीन खनिज, जहरीले तालाब और धुंध भरी हवा. लेकिन 10 मिनट बाद ही सांस फूलने लगती है और आंखों में जलन होने लगती है. यह जगह दुनिया के सबसे खतरनाक स्थानों में शुमार है. यहां तापमान -40 डिग्री से लेकर 50 डिग्री तक जा सकता है. रात में ठंड पड़ती है लेकिन दिन में नर्क जैसी गर्मी होती है. पानी भी यहां बेहद दुर्लभ और जहरीला है. ट्रेवल ब्लॉगर ने वीडियो में दिखाया कि कैसे जमीन से गैस निकल रही है. दल्लोल की खासियत यह है कि यहां जीवन के कोई सामान्य लक्षण नहीं दिखते. कोई पेड़, घास या जानवर आसानी से नहीं टिक पाते. सिर्फ कुछ खास बैक्टीरिया यहां जीवित रह सकते हैं. वैज्ञानिक इन्हें एक्सट्रिमोफाइल्स कहते हैं. इथियोपिया सरकार अब पर्यटन को नियंत्रित तरीके से बढ़ावा दे रही है. लेकिन सुरक्षा के बिना यहां जाना मना है. कई बार पर्यटक गैस से बेहोश हो जाते हैं.