हाईवे डूबा, गांवों का संपर्क टूटा; नासिक से पालघर तक महाराष्ट्र में बारिश का कहर
महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. नासिक, पालघर, इगतपुरी और आसपास के इलाकों में नदियां उफान पर हैं, जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया है और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है. नंदुरमाधमेश्वर बांध से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद गोदावरी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. कई हाईवे जलमग्न हो गए हैं, जबकि निचले इलाकों में लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है. प्रशासन, एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और स्थानीय आपदा प्रबंधन टीमों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है ताकि किसी भी जनहानि को रोका जा सके.
नासिक जिले में लगातार बारिश और नंदुरमाधमेश्वर बांध से करीब 82 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गोदावरी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. बाढ़ के कारण निफाड-सिन्नर हाईवे जलमग्न हो गया, जिससे कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है. सड़क पर पानी भर जाने के कारण यातायात पूरी तरह रोक दिया गया है. प्रशासन ने लोगों से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है.
गोदावरी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने नासिक के चांदोरी गांव में राहत अभियान चलाया. बाढ़ से घिरे 40 परिवारों को सुरक्षित निकालकर सायखेड़ा क्षेत्र की गोदावरी सोसायटी में अस्थायी रूप से शिफ्ट किया गया है. जिला परिषद की ओर से विस्थापित लोगों के लिए भोजन, पेयजल और रहने की समुचित व्यवस्था की गई है. पालघर जिले के नागझरी गांव में बाढ़ के कारण एक मां और उसका बेटा करीब 10 घंटे तक पेड़ पर फंसे रहे. स्थिति की सूचना मिलने पर अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नाव की मदद से दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला. रेस्क्यू अभियान के दौरान स्थानीय प्रशासन भी मौके पर मौजूद रहा.
#WATCH नासिक, महाराष्ट्र: भारी बारिश से गोदावरी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। निचले इलाके प्रभावित हैं। pic.twitter.com/nquzCsEUGO
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 23, 2026
सूर्या नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने के कारण कई लोग बाढ़ में फंस गए थे. एनडीआरएफ की टीम ने विशेष अभियान चलाकर 27 लोगों और उनके पालतू जानवरों को सुरक्षित बाहर निकाला. अधिकारियों के अनुसार समय पर कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया.
भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण वसई-विरार क्षेत्र में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है. बिजली बाधित होने का सीधा असर जल आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ा, जिससे पूरे क्षेत्र में पानी की सप्लाई प्रभावित हो गई. प्रशासन बिजली व्यवस्था को बहाल करने के प्रयास में जुटा है.
इगतपुरी के पिंपरी क्षेत्र में नदी किनारे बसे एक आदिवासी परिवार के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया. तहसील प्रशासन, पुलिस और फांगुळगांव आपदा प्रबंधन टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर सीने तक भरे पानी में उतरकर 16 लोगों को सुरक्षित निकाला. इनमें बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और पालतू जानवर भी शामिल थे. बचाए गए परिवारों को अस्थायी रूप से माहेश्वरी मंगल कार्यालय में ठहराया गया है.
