हैदराबाद के युवक ने की ब्लैक होल स्टार की खोज, पूरी दुनिया में हो रही चर्चा, कौन हैं रोहन नायडू
हैदराबाद के रोहन नायडू और उनकी टीम ने बीते हफ्ते ऐसी खोज की है, जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। रोहन नायडू ने अपनी टीम के साथ मिलकर जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की मदद से शुरुआती ब्रह्मांड में एक अनोखे ब्लैक होल स्टार की खोज की है। उन्होंने इस ब्लैक होल स्टार को MoM-BH-1 नाम दिया है, जो पृथ्वी से अरबों प्रकाश वर्ष दूर है। जब बिग बैंग के करीब 66 करोड़ साल था, ये उस समय का है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सामान्य तारे की तरह नहीं चमकता है। इसकी रोशनी ब्लैक होल के आसपास मौजूद गैस से आ सकती है।
यह ब्लैक होल स्टार सौर मंडल के आकार है और गैस के बादलों से घिरा हुआ है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह किसी भी ज्ञात तार से 100 अरब गुना अधिक ऊर्जा पैदा करता है। वैज्ञानिकों की यह खोज बेहद अहम है, क्योंकि इससे उन्हें शुरुआती ब्रह्मांड में ब्लैक होल बनने की प्रक्रिया को समझने में मदद मिल सकती है। जेम्स वेब टेलीस्कोप को शुरुआती ब्रह्मांड में कई छोटे और बहुत लाल नजर आने वाले स्रोत मिले हैं, जिसकी वजह से यह खोज बेहद खास है। वैज्ञानिक इन चीजों को लिटिल रेड डॉट्स कहते हैं। कई वर्षों से यह सवाल बना हुआ है कि आखिर यह क्या है। रोहन नायडू की टीम की खोज से इस सवाल का जवाव तलाशने में मदद मिल सकती है।
रोहन नायडू का जन्म हैदराबाद में हुआ है। रोहन के भीतर अंतरिक्ष के प्रति इतना जुनून था कि उन्होंने इस पूरा करने के लिए इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़ दी। अब इस खोज की वजह से उनकी पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है और लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं। उनका अध्ययन तारों और ब्लैक होल के व्यवहार के बारे में पारंपरिक विचारों को सीधेतौर पर चुनौती देती है।
रोहन ने 18 साल की उम्र में अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़कर विदेश चले गए। उन्होंने सिंगापुर के येल-NUS कॉलेज में 150 छात्रों के बैच में शामिल हो गए। रोहन ने खगोल विज्ञान में दिलचस्पी होने के कारण प्रोफेसर चार्ल्स बेलिन के साथ रिसर्च का निर्णय लिया। रोहन ने चिली के एंडीज में ब्लेजर्स का अध्ययन करने के बाद खगोल विज्ञान की खोज शुरुआत की। रोहन ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर चार्ली कॉनरॉय के अन्तर्गत पीएचडी की और प्राचीन आकाशगंगाओं पर शोध की।
पीएचडी पूरी करने केबाद एमआईटी में नासा हबल फेलोशिप और पप्पलार्डो फेलोशिप के पदों पर काम किया। वर्तमान में रोहन नायडू हवाई विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट फॉर एस्ट्रोनॉमी में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर कार्य कर रहे हैं। ब्लैक होल स्टार्स को खोजने वाली वैज्ञानिकों की टीम के नायडू मुख्य शोधकर्ता हैं। उन्होंने इस खोज को असाधारण भौतिकी बताया है। वैज्ञानिकों का कहन है कि यह बिग बैंग के करीब 660 मिलियन साल बाद अस्तित्व में आई थी।
