भारत की बड़ी उपलब्धि…तुर्किये से भारत लाया गया ड्रग किंगपिन नवप्रीत सिंह, अमित शाह ने दी अहम जानकारी
भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क चलाने के आरोपों से जुड़े वांटेड ड्रग तस्कर नवप्रीत सिंह को तुर्किये से भारत लाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय एजेंसियों ने उसकी पहचान और ठिकाने का पता लगाने के बाद उसे भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है। शाह ने इसे मोदी सरकार की नशीले पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति में एक अहम उपलब्धि बताया।
अमित शाह ने अपने पोस्ट में कहा कि नवप्रीत सिंह ने कथित तौर पर ‘नवाब वीरक’ नाम की फर्जी पहचान के जरिए तुर्किये की नागरिकता हासिल कर ली थी। इसके बावजूद वह अफगानिस्तान से भारत तक हेरोइन और मेथामफेटामाइन की तस्करी से जुड़े नेटवर्क को संचालित करता रहा। शाह के मुताबिक, भारतीय एजेंसियों ने उसकी असली पहचान का पता लगाने के लिए लगातार काम किया और अंततः उसे भारत वापस लाने में सफलता हासिल की।
नवप्रीत सिंह पंजाब से ताल्लुक रखने वाला कथित अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर है, जिसका नाम कई बड़े नारकोटिक्स मामलों की जांच में सामने आ चुका है। नवप्रीत सिंह तुर्किये में रह रहा था और भारत ने उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध 2023-24 में किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, वह कई नारकोटिक्स मामलों में वांटेड था।
इससे पहले दिल्ली पुलिस की जांच में भी उसका नाम एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के कथित सरगना के तौर पर सामने आया था। जांच के मुताबिक, उसके कथित सहयोगी प्रभदीप सिंह ने भारत में नेटवर्क के संचालन में भूमिका निभाई थी। मई 2026 में प्रभदीप सिंह को अजरबैजान से भारत लाया गया था। उसके मामले में जांच एजेंसियों ने 2021 में करीब 358 किलोग्राम हेरोइन की बरामदगी वाले मामले से संबंध बताया था।
नवप्रीत सिंह का नाम पंजाब में भी कई ड्रग तस्करी मामलों से जुड़ा रहा है। अक्टूबर 2024 में पंजाब पुलिस ने उसके कथित सहयोगियों को गिरफ्तार कर 105 किलोग्राम हेरोइन, कैफीन और डेक्स्ट्रोमेथॉर्फन समेत हथियार बरामद करने का दावा किया था। पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क पाकिस्तान से भारत तक ड्रग्स पहुंचाने वाले अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का हिस्सा था और इसके तार तुर्किये स्थित नवप्रीत सिंह से जुड़े थे।
मई 2025 में अमृतसर पुलिस ने नवप्रीत सिंह उर्फ नव भुल्लर से कथित तौर पर जुड़े एक नार्को-हवाला नेटवर्क का भी भंडाफोड़ किया था। उस कार्रवाई में पुलिस ने 1.10 किलोग्राम हेरोइन और करीब 1.06 करोड़ रुपये की हवाला रकम बरामद करने का दावा किया था।
Modi govt has achieved a historic milestone by securing the deportation of hardened narco-trafficking kingpin Navpreet Singh from Türkiye.
Obtaining Turkish citizenship under the fake identity of Navab Virk, he had continued to smuggle heroin and methamphetamine to India from…
— Amit Shah (@AmitShah) October 3, 2026
अमित शाह ने अपनी पोस्ट में इस कार्रवाई के लिए भारतीय एजेंसियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विदेशों में छिपे ड्रग तस्करों को भी कानून के शिकंजे में लाना और पूरे नारकोटिक्स नेटवर्क को खत्म करना है।
शाह ने यह भी कहा कि दिसंबर 2029 तक हर नार्को-कार्टेल को खत्म करने के लिए मोदी सरकार प्रतिबद्ध है। यह बयान सरकार के 2026-2029 के ड्रग कंट्रोल विजन के अनुरूप है। गृह मंत्रालय और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो भी विदेशों में मौजूद वांटेड ड्रग तस्करों की पहचान, उन्हें भारत वापस लाने और उनके नेटवर्क को तोड़ने पर जोर दे रहे हैं।
नवप्रीत सिंह की भारत वापसी ऐसे समय हुई है जब भारतीय एजेंसियां विदेशों में बैठे ड्रग सिंडिकेट के सरगनाओं के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ा रही हैं। इससे पहले तुर्किये से मोहम्मद सलीम डोला को भी भारत लाया गया था, जबकि अन्य वांटेड आरोपियों की वापसी के लिए इंटरपोल और संबंधित देशों की एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
