भारत ने पहली बार एक लॉन्चर से 2 मिसाइलें दागीं, 500km दूर 2 टारगेट तबाह, टेस्ट सफल
DRDO ने ओडिशा के चांदीपुर से प्रलय मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। इसकी खासियत यह है कि एक ही लॉन्चर से 2 मिसाइलें लगातार दागी जा सकती हैं। 500 किलोमीटर तक मार करने वाली यह मिसाइल दुश्मन के अलग-अलग ठिकानों को निशाना बना सकती है। इसे क्वासी-बैलेस्टिक मिसाइल कहा जाता है, क्योंकि यह उड़ान के दौरान अपना रास्ता भी बदल सकती है।
इस परीक्षण के पहले 2km के दायरे में रहने वाले लोगों को वहां से हटा दिया गया था। रूस और अमेरिका पहले से ही इस तरह की मल्टी-मिसाइल लॉन्च क्षमता वाले सिस्टम विकसित कर चुके हैं। हालांकि, भारत ने यह क्षमता अपनी स्वदेशी तकनीक से विकसित की है।
आम बैलिस्टिक मिसाइल सीधे ऊपर जाकर फिर नीचे आती है, रास्ता पहले से पता चल जाता है। प्रलय लो-ट्रेजेक्टरी पर जाती है, बीच में ही दिशा बदल सकती है, टर्मिनल फेज में मैन्युवर करती है। इसलिए दुश्मन का एयर डिफेंस इसे इंटरसेप्ट नहीं कर पाता।
इसे आर्मी और एयरफोर्स दोनों में शामिल किया जाना है। पाकिस्तान के साथ LoC पर ऐसे शॉर्ट रेंज, हाई प्रिसीजन हथियार गेम-चेंजर माने जा रहे हैं।
सॉल्वो टेस्टिंग को समझें
साल्वो का मतलब: एक साथ कई फायर। नॉर्मल टेस्ट में एक लॉन्चर से एक मिसाइल जाती है, टारगेट हिट करती है। साल्वो टेस्टिंग में एक ही लॉन्चर से 30-60 सेकंड के अंतर में दो मिसाइलें दागी जाती हैं, दोनों का टारगेट अलग होता है।
मुश्किल क्यों है: पहली मिसाइल के निकलते ही लॉन्चर हिलता है, धुआं, हीट और वाइब्रेशन पैदा होता है। उसी हिले हुए लॉन्चर से दूसरी मिसाइल को सटीक जाना होता है। अगर नेविगेशन सिस्टम में जरा भी एरर आया तो दूसरी मिसाइल फेल। इसलिए दुनिया में साल्वो टेस्ट को फाइनल यूजर ट्रायल माना जाता है।
भारत के लिए फायदा: युद्ध में दुश्मन के पास रिएक्ट करने का टाइम नहीं मिलेगा। पाकिस्तान का एक एयरबेस और उसका रडार – दोनों 500 KM दूर से एक ही ट्रक से तबाह।
Mach-5 स्पीड यानी आवाज की रफ्तार से भी तेज
Mach-5 स्पीड का मतलब: Mach-5 आवाज की गति से 5 गुना तेज, करीब 6174kmph।
प्रलय में 2 फेज की स्पीड है: लॉन्च के बाद- Mach 1.6 से शुरू होकर ऊपर जाती है। टर्मिनल फेज (टारगेट के पास): Mach 5+ पर डाइव करती है।
इससे क्या फायदा: 500 KM का सफर 7-8 मिनट में तयटर्मिनल फेज में इतनी तेज है कि आयरन डोम या HQ-9 जैसा डिफेंस सिस्टम उसे ट्रैक करके इंटरसेप्ट नहीं कर पाता। क्योंकि वो आखिरी 30 सेकंड में दिशा भी बदल लेती है।
